पटना में राजनीतिक गतिविधियां सोमवार को उस समय और तेज हो गईं जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधानसभा भंग करने की कैबिनेट सिफारिश के बाद सीधे राजभवन पहुंचे। यहां उन्होंने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात कर मौजूदा राजनीतिक स्थिति और नई सरकार गठन की रूपरेखा की जानकारी दी। एनडीए को हालिया विधानसभा चुनावों में स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद अब नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। बिहार चुनाव नतीजों के बाद भाजपा और जदयू के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है। भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जबकि जदयू ने 85 सीटों पर जीत दर्ज की है। एलजेपी (राम विलास) को 19 सीटें मिलीं, वहीं एचएएम और आरएलएम को क्रमशः 5 और 4 सीटों का समर्थन मिला है। गठबंधन की मज़बूत संख्या को देखते हुए विधायकों की बैठक में नीतीश कुमार को एक बार फिर नेता चुने जाने की तैयारी है।कैबिनेट ने विधानसभा को भंग करने की औपचारिक सिफारिश राज्यपाल को भेजने से पहले सभी संवैधानिक मामलों पर चर्चा की। मुलाकात के बाद अब उम्मीद है कि नीतीश कुमार अपना इस्तीफा और एनडीए के समर्थन पत्र सौंपकर नई सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करेंगे।नई सरकार का शपथ-ग्रहण समारोह 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा। यह एक भव्य आयोजन होगा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्र और राज्य के कई वरिष्ठ नेता भी उसमें शामिल होगे कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल तैयारियों को शुरू कर दि है
