ढाका, बांग्लादेश: बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (International Crimes Tribunal-1) ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ फैसला सुनाना शुरू कर दिया है यह मामला मानवता के खिलाफ अपराधों और राजनीतिक दमन से जुड़ा है। हसीना के अलावा उनके पूर्व होम मिनिस्टर आसदुज्जमान खान कमाल और पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-ममुन भी आरोपी हैं।शेख हसीना: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री थी जिन्होंने कई वर्षों तक सत्ता को संभाली है हसीना पर आरोप है कि उन्होंने छात्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों के दौरान राज्य शक्ति का दुरुपयोग किया हैतीन न्यायाधीशों की बेंच, जो इस संवेदनशील मामले की सुनवाई कर रही है।ट्रिब्यूनल ने पहले अदालत अवमानना (Contempt of Court) का मुकदमा भी चलाया था, जिसमें उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी आरोप हैं कि 2024 की जुलाई- अगस्त में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हसीना ने अत्यधिक हिंसा का आदेश दिया थाट्रिब्यूनल ने आरोपों की गहन जांच की, जिसमें 54 गवाहों और दर्जनों दस्तावेजों की समीक्षा की गईमुकदमे की सुनवाई और फैसला ढाका, बांग्लादेश में हो रहा है। सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई है। ट्रिब्यूनल परिसर में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है यह फैसला 17 नवंबर 2025 को सुनाया गया है सुनवाई लगभग 28 कार्य दिवस तक चली।इससे पहले 2 जुलाई 2025 को अदालत ने हसीना को 6 महीने की सजा सुनाई थी।आरोप है कि हसीना ने छात्रों और नागरिकों के विरोध को दमन करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग कि थी अभियोजन पक्ष का दावा है कि इस दमन में कई लोग मारे गए थे यह मुकदमा राजनीतिक रूप से प्रेरित है, क्योंकि हसीना लंबे समय तक सत्ता में रही हैं और उनके खिलाफ विपक्षी पार्टियों ने दबाव बनाया हैट्रिब्यूनल ने कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है जिसमें गवाहों की गवाही, सबूतों की जांच और ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग का उपयोग भी किया गया है
