वर्ल्ड कप की तैयारियों को लेकर हुई अहम मीटिंग में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) का सख्त रुख आखिरकार उस पर ही भारी पड़ गया मीटिंग के दौरान बांग्लादेश ने कुछ शर्तों और मांगों पर अड़ियल रवैया अपनाया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने साफ शब्दों में अपना फरमान सुना दिया ICC ने स्पष्ट कर दिया कि टूर्नामेंट नियमों से किसी तरह का समझौता नहीं होगा और सभी सदस्य बोर्ड्स को तय दिशानिर्देशों का पालन करना ही पड़ेगामीटिंग में वर्ल्ड कप के आयोजन, मैच शेड्यूल, सुरक्षा व्यवस्था और लॉजिस्टिक इंतजामों को लेकर चर्चा हुई बताया जा रहा है कि बांग्लादेश ने कुछ मैचों के वेन्यू, अभ्यास सत्रों की समय-सारिणी और टीम मूवमेंट को लेकर अतिरिक्त रियायतों की मांग रखी बांग्लादेश का तर्क था कि घरेलू परिस्थितियों और सुरक्षा कारणों को देखते हुए

उनके लिए विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए। हालांकि ICC ने इन मांगों को असाधारण मानते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया, बांग्लादेश प्रतिनिधिमंडल ने मीटिंग में बार-बार अपनी शर्तों पर जोर दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया इस पर ICC अधिकारियों ने दो टूक कहा कि वर्ल्ड कप जैसे वैश्विक टूर्नामेंट में किसी एक देश के लिए अलग नियम नहीं बनाए जा सकते ICC ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी बोर्ड को आयोजन से जुड़ी शर्तें स्वीकार नहीं हैं, तो उसके पास सीमित विकल्प ही होंगे ICC ने अपने फैसले में यह भी कहा कि वर्ल्ड कप का शेड्यूल वेन्यू और संचालन पहले से तय प्रक्रियाओं के तहत किया जाता है किसी भी बदलाव के लिए सभी सदस्य देशों की सहमति जरूरी होती है ऐसे में व्यक्तिगत दबाव या अकड़ दिखाकर फैसले बदलवाने की कोशिश स्वीकार्य नहीं हैमीटिंग के बाद यह संदेश साफ हो गया कि ICC अब किसी भी तरह की अनावश्यक खींचतान बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है बोर्ड ने बांग्लादेश को यह भी याद दिलाया कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भागीदारी नियमों के पालन से ही संभव है, न कि शर्तें थोपने से क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश हाल के वर्षों में अपनी टीम के प्रदर्शन और घरेलू क्रिकेट के विस्तार के चलते ज्यादा आत्मविश्वास में नजर आ रहा है

हालांकि, ICC स्तर की बैठकों में इस तरह का रुख अक्सर उल्टा पड़ जाता है विशेषज्ञों के मुताबिक, वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में सामूहिक हित को प्राथमिकता दी जाती है, न कि किसी एक देश की मांगों को इस घटनाक्रम का असर आने वाले दिनों में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की रणनीति पर भी पड़ सकता है माना जा रहा है कि ICC के कड़े रुख के बाद BCB को अब नरम रुख अपनाना पड़ेगा, ताकि किसी तरह की औपचारिक कार्रवाई या चेतावनी से बचा जा सकेवहीं, ICC ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए नियमों को और स्पष्ट किया जा सकता है बोर्ड चाहता है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े आयोजनों से पहले सभी सदस्य देशों को अपनी जिम्मेदारियों और सीमाओं की पूरी जानकारी हो
