दिल्ली के एक इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई पत्थरबाजी की घटना ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच तेज करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के एक सांसद से पूछताछ करने का फैसला किया है पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े कुछ बयानों और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच जरूरी है अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कई अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है घटना उस वक्त हुई जब इलाके में प्रशासन की ओर से एक कार्रवाई चल रही थी इसी दौरान अचानक भीड़ जमा हो गई और हालात तनावपूर्ण हो गए देखते ही देखते पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसमें पुलिस और नगर निगम की टीम को निशाना बनाया गया इस हिंसा में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है हालात काबू में करने के लिए

अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा और इलाके में कुछ समय के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना से पहले कुछ भड़काऊ बयान और मैसेज वायरल हुए थे, जिससे लोगों में गुस्सा बढ़ा। इन्हीं कड़ियों को जोड़ते हुए अब पुलिस सपा सांसद से पूछताछ करना चाहती है हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि अभी यह पूछताछ जांच के दायरे में है और किसी भी तरह का आरोप तय नहीं किया गया हैइस बीच सपा सांसद के एक बयान ने सियासी विवाद को और हवा दे दी है उन्होंने कहा था कि अगर इस तरह की कार्रवाई होगी तो रिएक्शन तो होगा ही , इसी बयान को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल खड़े किए हैं और इसे हिंसा को बढ़ावा देने वाला बताया है वहीं सपा की ओर से सफाई दी गई है कि सांसद के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है और पार्टी हिंसा का समर्थन नहीं करती है

दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों गिरफ्तार किए गए 11 आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके मोबाइल फोन व सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा रही है पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह हिंसा किसी साजिश के तहत कराई गई थी या फिर अचानक भड़की भीड़ का नतीजा थी इस घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस ने फ्लैग मार्च किया और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है

प्रशासन का कहना है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।ल फिलहाल इलाके में हालात काबू में बताए जा रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त बल अभी भी तैनात है राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे पर बयानबाजी तेज हो गई है जहां एक ओर विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बता रहा है, वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है आने वाले दिनों में सपा सांसद से होने वाली पूछताछ और पुलिस जांच के नतीजों पर सभी की नजरें टिकी हुई है
