भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अमेरिका दौरे के दौरान एक असामान्य लेकिन चर्चा में रहने वाला घटनाक्रम सामने आया है न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव से मुलाकात के लिए जयशंकर को हवाई यात्रा के बजाय लगभग 670 किलोमीटर की दूरी सड़क मार्ग से तय करनी पड़ी यह यात्रा अमेरिका में उनके आधिकारिक दौरे का हिस्सा थी और इसे कूटनीतिक हलकों में खासा अहम माना जा रहा है जयशंकर अमेरिका के एक अन्य शहर में पहले से निर्धारित कार्यक्रम में शामिल थे, जहां से उन्हें न्यूयॉर्क पहुंचना था। किन्हीं प्रशासनिक और लॉजिस्टिक कारणों के चलते हवाई यात्रा संभव नहीं हो सकी, जिसके बाद सड़क मार्ग से लंबा सफर तय किया गया करीब 670 किलोमीटर की इस यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और अमेरिकी प्रशासन के अधिकारी भी उनके काफिले के साथ मौजूद रहेन्यूयॉर्क पहुंचने के बाद विदेश मंत्री जयशंकर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में UN महासचिव से मुलाकात की इस बैठक को भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है

मुलाकात के दौरान वैश्विक शांति, सुरक्षा, विकासशील देशों के मुद्दे, जलवायु परिवर्तन और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जैसे विषयों पर चर्चा हुई भारत ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने की बात कहीजयशंकर ने बैठक के दौरान भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय सहयोग पहले से कहीं अधिक जरूरी है उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र को अधिक प्रतिनिधित्व वाला और प्रभावी बनाना समय की मांग है, ताकि वैश्विक निर्णयों में सभी देशों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेविदेश मंत्री ने अमेरिका दौरे के दौरान अन्य कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लिया उन्होंने विभिन्न देशों के विदेश मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा खासतौर पर वैश्विक अर्थव्यवस्था, भू-राजनीतिक तनाव और विकासशील देशों की समस्याओं पर भारत की चिंताओं को साझा किया गयाजयशंकर की लंबी सड़क यात्रा को लेकर सोशल मीडिया और कूटनीतिक हलकों में भी चर्चा रही कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा यह दर्शाती है कि व्यस्त कूटनीतिक कार्यक्रमों के बीच भी भारत अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को प्राथमिकता देता है

लंबा सफर तय करने के बावजूद जयशंकर का कार्यक्रम प्रभावित नहीं हुआ और सभी तय बैठकें समय पर संपन्न हुई यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक राजनीति तेजी से बदल रही है और कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर देशों के बीच मतभेद गहरे हो रहे हैं ऐसे में भारत की सक्रिय कूटनीति और उच्च स्तरीय संवाद उसकी वैश्विक भूमिका को और मजबूत करते हैं अमेरिका में 670 किलोमीटर की सड़क यात्रा और न्यूयॉर्क में UN महासचिव से हुई मुलाकात ने जयशंकर के इस दौरे को खास बना दिया है यह घटनाक्रम न केवल भारत की कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत अपनी भूमिका को गंभीरता से निभा रहा है
