पटना: बिहार में NEET छात्रा से जुड़े विवादित मामले में नए मोड़ ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है आज SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने IMA के पूर्व अध्यक्ष सहजानंद के अस्पताल का दौरा किया यह वही अस्पताल है, जहां छात्रा को इलाज के दौरान भर्ती कराया गया था SIT की टीम अस्पताल में छात्रा की मेडिकल रिकॉर्ड्स और इलाज से जुड़ी अन्य जानकारियों का अध्ययन कर रही है इस कार्रवाई के पीछे माना जा रहा है कि जांच एजेंसी छात्रा के इलाज और स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेजों की सत्यता को लेकर व्यापक छानबीन करना चाहती है , SIT टीम ने अस्पताल के डॉक्टर्स और स्टाफ से भी पूछताछ की है। अस्पताल प्रशासन ने पूरी सहयोगात्मक भूमिका निभाई और टीम को हर जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए इस मामले को लेकर राजनीति भी गर्माई हुई है राजद अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुप्पी आपराधिक है उनका कहना है कि ऐसे गंभीर मामले में राज्य सरकार की निष्क्रियता स्वीकार्य नहीं है

तेजस्वी ने कहा कि SIT की कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि छात्रा के मामले में गहराई से जांच की आवश्यकता है और सरकार की कोई भी चुप्पी जनता के सवालों को जन्म देती है NEET छात्रा का मामला पहले से ही सुर्खियों में था, और अस्पताल में SIT की जांच इसे और गंभीर बना सकती है छात्रा के परिजन ने भी SIT की कार्रवाई का स्वागत किया है और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि न्याय और सत्य की रक्षा होगीवहीं, IMA अस्पताल के प्रशासन ने कहा कि सभी मेडिकल रिकॉर्ड्स और जानकारी पूर्ण रूप से उपलब्ध कराई गई हैं अस्पताल का यह बयान यह दर्शाता है कि संस्थान जांच में सहयोग कर रहा है और किसी प्रकार की बाधा नहीं डाली जा रही है इससे पहले, छात्रा के इलाज के दौरान कई तरह की चर्चाएँ और विवाद सामने आए थे कुछ समूहों ने आरोप लगाए कि छात्रा के इलाज और मेडिकल रिपोर्ट्स में गड़बड़ी हो सकती है अब SIT की जांच से इन सभी आरोपों की पुष्टि या खंडन होने की संभावना है SIT की इस कार्रवाई से न केवल छात्रा के इलाज का सच सामने आएगा,

बल्कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार की जवाबदेही भी तय होगी राजनीतिक दबाव और सामाजिक चिंता के बीच यह जांच बिहार में स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मामलों में नई मिसाल कायम कर सकती है इस बीच, विपक्ष ने राज्य सरकार पर लगातार सवाल उठाना जारी रखा है तेजस्वी यादव ने कहा कि केवल SIT की कार्रवाई से मामला समाप्त नहीं होगा, बल्कि सरकार को भी जिम्मेदारी लेनी होगी और आवश्यक कदम उठाने होंगे अगले कुछ दिनों में SIT की रिपोर्ट से स्पष्ट हो जाएगा कि छात्रा के इलाज में किसी भी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी इस बीच मीडिया और जनता की निगाहें इस जांच पर बनी हुई हैं
