प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) का विरोध शुक्रवार को और तेज हो गया पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में सड़कों पर उतरकर ED रेड के खिलाफ बड़ा मार्च निकाला, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे TMC के कई सांसदों को पुलिस ने करीब दो घंटे के लिए हिरासत में ले लिया इसी बीच कोलकाता हाईकोर्ट परिसर में भी भारी हंगामा देखने को मिला, जिसके चलते मामले की सुनवाई टालनी पड़ीकोलकाता में ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ED की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया। ममता ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्षी दलों को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है उन्होंने कहा कि ED और CBI को बीजेपी का राजनीतिक हथियार बना दिया गया है और यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है मार्च के दौरान बड़ी संख्या में TMC कार्यकर्ता मौजूद रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गईममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं, वैसे-वैसे केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता बढ़ जाती है

उन्होंने कहा कि अगर उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है, तो वे और ज्यादा मजबूती से इसका विरोध करेंगी मुख्यमंत्री ने साफ किया कि TMC किसी भी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है और लड़ाई सड़कों से लेकर अदालत तक लड़ी जाएगी वहीं दिल्ली में ED रेड के विरोध में प्रदर्शन कर रहे TMC सांसदों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया जानकारी के मुताबिक, सांसद संसद मार्ग और अन्य इलाकों में प्रदर्शन कर रहे थे, तभी पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें डिटेन कर लिया। करीब दो घंटे बाद सभी सांसदों को छोड़ दिया गया हिरासत से बाहर आने के बाद TMC सांसदों ने कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है और केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है ED की कार्रवाई चयनात्मक है और केवल विपक्षी दलों को ही निशाना बनाया जा रहा है।

सांसदों ने आरोप लगाया कि बीजेपी शासित राज्यों में ऐसे मामलों पर एजेंसियां चुप रहती हैं, जबकि गैर-बीजेपी सरकारों वाले राज्यों में लगातार छापेमारी की जा रही हैइधर, कोलकाता हाईकोर्ट में भी इस मामले से जुड़ी सुनवाई के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया अदालत परिसर में हुए हंगामे के चलते न्यायालय को सुनवाई स्थगित करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि वकीलों और अन्य पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद कोर्ट ने मामले को अगली तारीख के लिए टाल दिया। हाईकोर्ट की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई हैराजनीतिक जानकारों का मानना है कि ED की कार्रवाई और उसके खिलाफ TMC का विरोध आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है

पश्चिम बंगाल में पहले से ही केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है और इस घटनाक्रम ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है बीजेपी की ओर से हालांकि कहा गया है कि ED स्वतंत्र एजेंसी है और वह कानून के तहत काम कर रही हैफिलहाल, ED रेड, ममता बनर्जी के मार्च, दिल्ली में सांसदों की हिरासत और कोलकाता हाईकोर्ट की टली सुनवाई ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया है आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक और कानूनी लड़ाई और तेज होने के आसार हैं
