भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर अपने स्पष्ट और कड़े रुख का संकेत दिया है उन्होंने हाल ही में कहा कि हमारे पड़ोसी दुर्भाग्य से बुरे हैं और हमें अपने लोगों को आतंकवाद और हिंसा से बचाने का पूरा हक है कोई भी देश या अंतरराष्ट्रीय संस्था भारत को यह तय नहीं कर सकती कि हमें किस तरह से अपनी सुरक्षा करनी चाहिए हमें अपने लोगों की सुरक्षा करने का पूरा अधिकार है यह किसी का सुझाव या दबाव नहीं कि हमें क्या करना है हम अपने नागरिकों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएंगे उन परिस्थितियों के बीच आया है जहां क्षेत्रीय तनाव और पड़ोसी देशों की हिंसक गतिविधियों को लेकर भारत की चिंता बढ़ रही है जयशंकर का यह बयान सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है भारत लगातार अपने नागरिकों और सीमा क्षेत्र की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठा रहा है, और विदेश मंत्री के शब्द इसे और स्पष्ट करते हैं आतंकवाद किसी देश की आंतरिक समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है

भारत किसी भी तरह की धमकी या बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा जब बात अपने लोगों की सुरक्षा की हो, तो भारत किसी से समझौता नहीं करेगा भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगा और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को खारिज करता है जयशंकर के इस बयान से यह साफ संदेश जाता है कि भारत अपने सुरक्षा और कूटनीति के मामलों में किसी भी तरह के समझौते के लिए मजबूर नहीं है भारत अपने नागरिकों और क्षेत्रीय स्थिरता को सर्वोपरि मानता है।इसके अलावा, जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में सहयोग चाहता है,

लेकिन अगर सुरक्षा की बात आए तो कोई भी समझौता अस्वीकार्य है यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है और आतंकवादी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक हो गया है देश अपने लोगों की सुरक्षा के लिए किसी भी तरह की सीमा पार करने को तैयार है। यह बयान न केवल कूटनीतिक बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा हैजयशंकर के शब्दों ने यह साफ कर दिया है कि भारत अब किसी भी बाहरी दबाव में नहीं आएगा और अपनी सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगा इस बयान से पड़ोसी देशों के लिए भी स्पष्ट संदेश गया कि भारत अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर है और किसी को भी इसे चुनौती देने की अनुमति नहीं देगा
