नई दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद- भारत की सबसे बड़ी एयरपोर्ट्स IndiGo अचानक एक बड़े ऑपरेशनल संकट में फंस गई, जिसका असर सीधे देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर देखने को मिला है 190 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिसके बाद दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद जैसे मेगा शहरों में यात्रियों की भारी भीड़ और अफरा-तफरी मच गई उड़ानों के लगातार रद्द होने के बाद DGCA ने तुरंत नोटिस लिया और IndiGo के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया इस संकट के केंद्र में IndiGo एयरलाइन है, जो प्रतिदिन 2,000 से अधिक उड़ानें संचालित करती है इसके अलावा DGCA, यानी नागर विमानन महानिदेशालय, जिसने एयरलाइन को जांच के लिए बुलाया गया सबसे ज्यादा प्रभावित वे हज़ारों यात्री रहे,

जो सुबह से ही एयरपोर्टों पर फंसे रहे और कई घंटों तक इंतज़ार करते रहे इसमें भारी दबाव IndiGo के पायलटों और केबिन क्रू पर भी पड़ा है, जो नई ड्यूटी नियमावली को लेकर पहले से तनाव में थेएक ही दिन में 190+ उड़ानें रद्द हुईं कई उड़ानें बिना पहले सूचना के बंद कर दी गईं बाकी उड़ानें 3 से 8 घंटे तक लेट रहीं एयरलाइन की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस अचानक गिरकर इंडस्ट्री में सबसे निचले स्तर पर आ गई ऐसा पहले भी नवंबर महीने में फ्लाइट्स कैंसिल हुई थी जिसमें IndiGo की 1,200 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई थीं। कई एयरपोर्टों पर बोर्डिंग रोकनी पड़ी, चेकिन कतारें लंबी होती गईं और यात्रियों में गुस्सा बढ़ता गया यह संकट आज फिर देखने को मिल रहा जब 190+ फ्लाइटें रद्द हुईं,

हालांकि इसकी शुरुआत पिछले 48–72 घंटों से दिख रही थी असल में नवंबर के अंत और दिसंबर की शुरुआत से IndiGo पर संकट बढ़ा है जिससे लगातार रद्द उड़ानों का रिकॉर्ड नवंबर में बन चुका थासबसे ज़्यादा प्रभाव देश के बड़े मेट्रो एयरपोर्टों को पर पड़ादिल्ली IGI – सबसे अधिक रद्द उड़ानेंमुंबई – भारी देरीहैदराबाद – 30+ उड़ानें प्रभावितअहमदाबाद – कई सेक्टर रद्द बेंगलुरु – स्लॉट बदलने पड़े, भीड़ बढ़ीअसल में यह समस्या पूरे देश भर के IndiGo नेटवर्क में फैल क्रू की कमी (Crew Shortage),:-नये नियम लागू होने के बाद IndiGo के पास तुरंत अतिरिक्त क्रू तैयार नहीं था कई पायलट पहले ही अधिक काम से थके हुए थे, और कई क्रू उपलब्ध नहीं हो पाए इससे बड़े पैमाने पर उड़ानें ऑपरेट ही नहीं की जा सकींटेक्निकल और एयरपोर्ट-लेवल में दिक्कतें:-सर्दियों की शुरुआत, धुंध, रनवे ट्रैफिक, भीड़, टेक्निकल चेक और मेंटेनेंस जैसी वजहों ने उड़ानों में देरी को और बढ़ा दिया स्लॉट मिसमैनेजमेंट:-एक-दो फ्लाइट लेट हुईं तो चेन रिएक्शन शुरू हो गया

बाकी उड़ानें भी उसी लाइन में देरी से चलने लगीं भारी यात्रा सीज़न:-दिसंबर के शुरू में ट्रैवल हाई-सीज़न होता है, यात्री ज्यादा, फ्लाइटें फुल ऐसे में छोटी दिक्कत भी बड़ी बन जाती है इन सब कारणों का असर एक साथ दिखा एक-दूसरे से जुड़े रूट्स पर उड़ानें गिरती चली गईं,रद्द उड़ानों का बोझ ग्राउंड स्टाफ पर बढ़ा,यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर बैठना पड़ा कई यात्रियों को टिकट बदलने, रिफंड और मुआवज़े के लिए फॉलो-अप भी करना पड़ापूरी व्यवस्था लगभग 2–3 घंटे में ठप हो गई और रद्द उड़ानों का आंकड़ा 190 से ज्यादा हो गई
रिपोर्ट
अमित कुमार
