भारतीय फिल्म धुरंधर को लेकर पाकिस्तान में विवाद और गहरा होता जा रहा है इस फिल्म में अभिनय कर रहे रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना के खिलाफ पाकिस्तान में FIR दर्ज करने की मांग उठी है आरोप लगाया गया है कि फिल्म की कहानी में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की पार्टी को आतंकवाद समर्थक के रूप में दिखाया गया है, जिससे देश की राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाया गया है इस मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है पाकिस्तान में विरोध करने वालों का कहना है कि धुरंधर में दिखाए गए दृश्य और संवाद न सिर्फ तथ्यात्मक रूप से गलत हैं, बल्कि जानबूझकर एक खास राजनीतिक दल को बदनाम करने की मंशा से तैयार किए गए हैं

उनका आरोप है कि धुरंधर फिल्म के जरिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान और उसकी लोकतांत्रिक राजनीति को नकारात्मक रूप में पेश किया जा रहा है इसी वजह से कलाकारों के साथ-साथ फिल्म के निर्माताओं के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है पाकिस्तान के कुछ नेताओं और संगठनों ने संबंधित जांच एजेंसियों और सरकार से अपील की है कि फिल्म पर तत्काल रोक लगाई जाए और इसके कंटेंट की जांच की जाए उनका कहना है कि ऐसी फिल्मों से भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से मौजूद राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है कई संगठनों ने इसे सांस्कृतिक हस्तक्षेप बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है दूसरी ओर, भारत में इस विवाद पर अभी तक रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना या फिल्म के निर्माताओं की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है

इस फिल्म से जुड़े सूत्रों का कहना है कि धुरंधर एक काल्पनिक और सिनेमाई कहानी है, जिसका उद्देश्य किसी देश, पार्टी या व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं है उनका दावा है कि फिल्म पूरी तरह रचनात्मक स्वतंत्रता के दायरे में बनाई गई है इस पूरे मामले के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई लोगों का मानना है कि संवेदनशील राजनीतिक विषयों को फिल्मों में दिखाते समय जिम्मेदारी और संतुलन जरूरी है कुल मिलाकर, धुरंधर रिलीज से पहले ही भारत-पाकिस्तान के बीच एक नए सियासी और सांस्कृतिक विवाद की वजह बनती नजर आ रही है, जिसका असर आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है
