गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक का भव्य उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया इस मौके पर उन्होंने भारत के ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि आज भारत एनर्जी सेक्टर में निवेश और नवाचार के लिए अवसरों की भूमि बन चुका है प्रधानमंत्री ने देश और दुनिया के निवेशकों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए भारत की बढ़ती ऊर्जा क्षमता और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात कीपीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और ऊर्जा इसकी विकास यात्रा का सबसे मजबूत आधार है उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में भारत की ऊर्जा मांग में लगातार वृद्धि होने वाली है, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार दीर्घकालिक नीतियों और निवेश-अनुकूल वातावरण पर काम कर रही है प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत अब केवल ऊर्जा उपभोक्ता नहीं,

बल्कि ऊर्जा समाधान देने वाला देश बन रहा हैअपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने इंडिया-EU डील का भी उल्लेख किया उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच सहयोग से बनने वाला आर्थिक ढांचा वैश्विक GDP के लगभग 25 प्रतिशत हिस्से को कवर करता है यह डील न केवल व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और सतत विकास के क्षेत्र में नए अवसर भी खोलेगी पीएम मोदी ने इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम कदम बताया प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार रिन्यूएबल एनर्जी को प्राथमिकता दे रही है सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और बायो-एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है उन्होंने बताया कि भारत ने समय से पहले अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं साथ ही, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के जरिए भारत दुनिया का प्रमुख ऊर्जा निर्यातक बनने की तैयारी में हैइंडिया एनर्जी वीक को पीएम मोदी ने नीति, निवेश और नवाचार का संगम बताया उन्होंने कहा कि इस मंच पर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े सभी प्रमुख हितधारक एक साथ आकर विचार साझा कर रहे हैं,

जिससे वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों का समाधान निकल सकेगा प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत की ऊर्जा नीति का मूल उद्देश्य सस्ती, सुलभ और टिकाऊ ऊर्जा सुनिश्चित करना है इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए उद्योग प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया सम्मेलन के दौरान ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ईंधन और टेक्नोलॉजी आधारित समाधान जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है। कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भारत में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है, जिससे भविष्य में रोजगार और आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद हैपीएम मोदी ने भरोसा जताया कि भारत की स्थिर नीतियां, मजबूत बाजार और कुशल मानव संसाधन निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि भारत का ऊर्जा क्षेत्र न केवल देश की जरूरतों को पूरा करेगा,

बल्कि वैश्विक ऊर्जा संतुलन में भी अहम भूमिका निभाएगाइंडिया एनर्जी वीक का यह आयोजन भारत की वैश्विक ऊर्जा नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है गोवा से दिया गया प्रधानमंत्री का संदेश साफ है कि भारत ऊर्जा के क्षेत्र में केवल वर्तमान की जरूरतों पर नहीं, बल्कि भविष्य की दुनिया के लिए समाधान गढ़ने पर काम कर रहा है
