अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर यह सवाल जोर पकड़ने लगा है कि डोनाल्ड ट्रम्प के बाद देश की कमान आखिर किसके हाथ में जाएगी लंबे समय तक माना जा रहा था कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ट्रम्प के स्वाभाविक उत्तराधिकारी होंगे, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने इस समीकरण को बदलना शुरू कर दिया है खासतौर पर वेनेजुएला को लेकर अमेरिका की आक्रामक नीति और सैन्य कार्रवाई के बाद विदेश मंत्री मार्को रूबियो का राजनीतिक कद अचानक काफी बढ़ गया हैडोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में अमेरिका की विदेश नीति हमेशा से सख्त और आक्रामक रही है। ट्रम्प ने अपने कार्यकाल में साफ संदेश दिया कि अमेरिका अपने हितों से कोई समझौता नहीं करेगा इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए हाल ही में वेनेजुएला के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया इस पूरे घटनाक्रम में विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। उन्होंने न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अमेरिका का पक्ष मजबूती से रखा, बल्कि लैटिन अमेरिका में कूटनीतिक दबाव बनाने में भी अग्रणी भूमिका निभाईराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वेनेजुएला संकट रूबियो के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है लंबे समय से उन्हें एक मजबूत विदेश नीति विशेषज्ञ के तौर पर देखा जाता रहा है, लेकिन अब वे ट्रम्प के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में भी चर्चा में आ गए है

रिपब्लिकन पार्टी के भीतर रूबियो की स्वीकार्यता बढ़ी है और उन्हें ऐसे नेता के रूप में देखा जा रहा है, जो ट्रम्प की नीतियों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की साख को भी मजबूत कर सकते हैंदूसरी ओर, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अब भी रेस से बाहर नहीं हुए हैं घरेलू राजनीति में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है और ट्रम्प के करीबी होने का फायदा भी उन्हें मिलता रहा है हालांकि आलोचकों का कहना है कि विदेश नीति के मोर्चे पर वेंस का अनुभव सीमित है, जबकि मौजूदा वैश्विक हालात में अमेरिका को एक ऐसे नेता की जरूरत है, जो अंतरराष्ट्रीय संकटों को संभाल सके यही वजह है कि हाल के दिनों में रूबियो को वेंस पर बढ़त मिलती दिख रही हैरिपब्लिकन पार्टी के अंदर भी इस मुद्दे पर हलचल तेज हो गई है पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि ट्रम्प के बाद नेतृत्व की जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को दी जानी चाहिए, जो सख्त निर्णय लेने के साथ-साथ वैश्विक मंच पर अमेरिका को मजबूती से पेश कर सके रूबियो की लैटिन अमेरिकी राजनीति पर गहरी पकड़ और कूटनीतिक अनुभव उन्हें इस दौड़ में मजबूत बनाता हैहालांकि ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से अब तक किसी एक नाम पर मुहर नहीं लगाई है वे अक्सर संकेत देते रहे हैं कि सही समय आने पर फैसला लिया जाएगा ट्रम्प के समर्थक खेमे में भी इस बात को लेकर मतभेद हैं कि अगला चेहरा कौन होना चाहिए। कुछ लोग वेंस को ट्रम्प की घरेलू राजनीति का सही उत्तराधिकारी मानते हैं,

तो कुछ रूबियो को वैश्विक चुनौतियों के लिहाज से बेहतर विकल्प बताते हैराजनीतिक जानकारों के अनुसार, आने वाले महीनों में अमेरिका की विदेश और घरेलू नीतियों से जुड़ी घटनाएं इस दौड़ की दिशा तय करेंगी। अगर अंतरराष्ट्रीय संकट और गहराते हैं, तो रूबियो की दावेदारी और मजबूत हो सकती है वहीं अगर घरेलू मुद्दे चुनावी एजेंडे में हावी रहते हैं, तो वेंस की स्थिति भी मजबूत बनी रह सकती है।फिलहाल इतना तय है कि ट्रम्प के बाद अमेरिका की राजनीति में नेतृत्व को लेकर तस्वीर साफ नहीं है लेकिन वेनेजुएला संकट के बाद बदले समीकरणों ने यह जरूर संकेत दे दिया है कि उत्तराधिकारी की दौड़ अब एकतरफा नहीं रही, और मार्को रूबियो इस मुकाबले में तेजी से उभरते हुए चेहरे बनते जा रहे हैं
