
संसद के शीतकालीन सत्र के 11वें दिन सोमवार को दोनों सदनों में उस समय जोरदार हंगामा हो गया, जब भाजपा सांसदों ने कांग्रेस की रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगे कथित नारों का मुद्दा उठाया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रैली के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं और महिला नेताओं द्वारा ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी, आज नहीं तो कल खुदेगी’ जैसे नारे लगाए जाने का दावा किया गया है।

राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा, “बहुत ही दुख के साथ और उद्वेलित मन से एक घटना प्रकाश में लाना चाहता हूं कि कल कांग्रेस की रैली में ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगे। पीएम के खिलाफ ऐसी बातें करना, उनकी मौत की कामना करना शर्मनाक है। यह कांग्रेस पार्टी की असली सोच और मानसिकता को दर्शाता है।” नड्डा ने आगे कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।
लोकसभा में भी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मुद्दे पर कांग्रेस की घेराबंदी की और राहुल गांधी तथा पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से सदन में माफी मांगने की मांग की। रिजिजू ने इसे लोकतंत्र की मर्यादाओं का उल्लंघन बताया। हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

कांग्रेस की ओर से पलटवार करते हुए महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “हमें नहीं मालूम कि ये सब किसने कहा। रैली में स्टेज से किसी ने भी ऐसा कुछ नहीं कहा। मंच पर बिल्कुल ऐसा कुछ नहीं हुआ। फिर पता चला कि जनता में कोई कह रहा है या कोई कार्यकर्ता है, ये भी नहीं पता। भाजपा को खुद नहीं पता कि किसने नारेबाजी की।” कांग्रेस ने इसे भाजपा का ध्यान भटकाने का प्रयास बताया और कहा कि रैली की सफलता से घबराकर यह ड्रामा रचा जा रहा है।
रैली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे सहित शीर्ष नेता मौजूद थे। भाजपा का आरोप है कि शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में ऐसे नारे लगना पार्टी की मानसिकता को दिखाता है। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और सत्र के आगे के दिनों में भी हंगामा जारी रहने की संभावना है।
रिपोर्ट
अंकित शेखावत
