नई दिल्ली- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं पित्रोदा का कहना है कि सरकार कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विदेश दौरों की लगातार निगरानी कर रही है उन्होंने दावा किया कि विदेशों में भारतीय दूतावासों के अधिकारी राहुल गांधी की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और कई बार उनका पीछा भी करते हैं इतना ही नहीं, विदेशी नेताओं से राहुल गांधी की मुलाकातों में भी दखल दिया जाता है राहुल गांधी विदेश यात्रा पर होते हैं, तब भारतीय दूतावास के अधिकारी उनके कार्यक्रमों में असामान्य रूप से सक्रिय नजर आते हैं

इन अधिकारियों के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाती है कि राहुल गांधी किन लोगों से मिलें और किनसे नहीं , कई मौकों पर विदेशी नेताओं और संगठनों को यह संदेश दिया गया कि वे राहुल गांधी से औपचारिक मुलाकात न करें पित्रोदा ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में विपक्ष के नेता को स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संवाद करने का अधिकार होना चाहिए सरकार राजनीतिक असहिष्णुता के चलते राहुल गांधी की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों को सीमित करने की कोशिश कर रही है कांग्रेस नेताओं ने पित्रोदा के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी के विदेश दौरों को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो इस पार्टी का दावा है कि पहले भी विदेश यात्राओं के दौरान राहुल गांधी के कार्यक्रमों में अप्रत्यक्ष बाधाएं डाली गईं

सरकार को विदेश नीति और कूटनीति को घरेलू राजनीति से अलग रखना चाहिए वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है हालांकि, पहले भी सरकार इस तरह के आरोपों को खारिज करती रही है और कहती रही है कि भारतीय दूतावासों की भूमिका देश के हितों की रक्षा करना है, न कि किसी राजनीतिक नेता की जासूसी करना पित्रोदा के इस बयान से एक बार फिर सरकार और कांग्रेस के बीच टकराव तेज हो सकता है ऐसे समय में जब लोकसभा चुनाव नजदीक हैं, राहुल गांधी के विदेश दौरों और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को लेकर बयानबाजी और सियासी आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है फिलहाल, पित्रोदा के आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इन दावों पर क्या सफाई देती है और क्या इस मुद्दे पर आगे कोई आधिकारिक बयान सामने आता है
रिपोर्ट
अंकित शेखावत
