नई दिल्ली, 19 दिसंबर- अमेरिका ने अपने मशहूर ग्रीन कार्ड लॉटरी प्रोग्राम (डायवर्सिटी वीज़ा प्रोग्राम) को अस्थायी रूप से सस्पेंड (रोक) करने का बड़ा फैसला लिया है यह कदम दो अलग-अलग यूनिवर्सिटी परिसरों में हुई गोलीबारी की गंभीर घटनाओं के बाद उठाया गया है प्रशासन का कहना है कि देश की सुरक्षा और इमिग्रेशन (आप्रवास) प्रक्रिया की समीक्षा के लिए यह कदम जरूरी है अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में इस फैसले को लागू करने की प्रक्रिया तेज़ की गई है गोलीबारी की घटनाओं ने देश में आंतरिक सुरक्षा के मसलों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं,

और यही वजह है कि ग्रीन कार्ड लॉटरी को रोकने का निर्णय लिया गयाग्रीन कार्ड लॉटरी प्रोग्राम हर साल दुनिया भर से लगभग 50 हजार लोगों को अमेरिका में स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) पाने का मौका देता है इस प्रोग्राम के तहत लाखों आवेदक हिस्सा लेते हैं और चुने गए लोगों को वीज़ा देकर अमेरिका में बसने की अनुमति मिलती है लेकिन इस बार प्रशासन ने कहा है कि सुरक्षा की समीक्षा पूरी होने तक यह प्रोग्राम अस्थायी रूप से बंद रहेगा ग्रीन कार्ड लॉटरी के लिए नए आवेदन फिलहाल स्वीकार नहीं किए जाएंगे, और न ही वर्तमान चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे प्रभावित लोगों में निराशा साफ़ देखी जा रही है, खासकर उन लोगों में जिनके पास पहले से ही आवेदन किया हुआ था या जिन्होंने लंबे समय से इसके लिए तैयारी की थी

यह फैसला उन लोगों के लिए बड़ा झटका है, जिन्होंने अमेरिका में बेहतर जीवन, शिक्षा और रोजगार के अवसरों की उम्मीद में इस प्रोग्राम में हिस्सा लिया था वहीं, प्रशासन का कहना है कि यह कदम जनता की सुरक्षा और मजबूत इमिग्रेशन सिस्टम सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है राजनीतिक स्तर पर भी इस फैसले पर बहस तेज़ हो गई है कुछ समर्थकों ने इसे देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला समझदारी भरा कदम” बताया है, जबकि आलोचक कह रहे हैं कि इस तरह की कार्रवाई सीधे अप्रमाणित आवेदकों के सपनों पर रोक लगा रही है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यह खबर सुर्खियों में है, क्योंकि ग्रीन कार्ड लॉटरी वर्षों से अन्य देशों के लोगों को अमेरिका में रहने और काम करने का मौका देती आई है अब जब यह प्रोग्राम सस्पेंड हो गया है, तो वैश्विक आव्रजन नीति पर नए सिरे से विचार किए जाने की बात उठ रही है
