
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले के मामले में सोमवार को जम्मू की विशेष NIA कोर्ट में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। हमले के करीब 237 दिनों बाद दाखिल की गई यह चार्जशीट लगभग 1597 पेज की है, जिसमें हमले की साजिश पाकिस्तान में रचे जाने के ठोस सबूत पेश किए गए हैं।

NIA की जांच से साफ हुआ है कि यह हमला पाकिस्तान आधारित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके प्रॉक्सी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) द्वारा योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। चार्जशीट में कुल सात आरोपियों के नाम शामिल हैं, जिनमें LeT/TRF को कानूनी इकाई के रूप में भी आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा पाकिस्तानी हैंडलर और LeT के टॉप कमांडर साजिद जट्ट को हमले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। NIA ने साजिद जट्ट पर 10 लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है।
चार्जशीट में तीन पाकिस्तानी आतंकियों के नाम भी हैं, जो हमले को सीधे अंजाम देने वाले थे। ये आतंकी – फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी – जुलाई 2025 में श्रीनगर के डाचीगाम इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। इनकी पहचान LeT से जुड़े पाकिस्तानी नागरिकों के रूप में की गई है।

इसके अलावा दो स्थानीय लोगों – परवेज अहमद जोथर और बशीर अहमद जोथर – को भी आरोपी बनाया गया है। इन दोनों को जून 2025 में NIA ने गिरफ्तार किया था। इन पर आरोप है कि इन्होंने आतंकियों को आश्रय, भोजन और लॉजिस्टिकल सहायता प्रदान की। पूछताछ में इन दोनों ने हमलावरों की पहचान पाकिस्तानी आतंकियों के रूप में कबूल की थी।
NIA ने चार्जशीट में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की धारा भी लगाई है। एजेंसी का कहना है कि आठ महीने की वैज्ञानिक जांच से साजिश का पता पाकिस्तान तक ट्रेस किया गया, जहां से आतंकवाद को लगातार प्रायोजित किया जा रहा है। हमला 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन घाटी में हुआ था, जहां आतंकियों ने पर्यटकों से धर्म पूछकर लक्षित हत्याएं कीं।
यह चार्जशीट पहलगाम हमले की जांच में एक बड़ा कदम है, जो पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को और मजबूत बनाती है। मामले की आगे की सुनवाई विशेष कोर्ट में होगी।
रिपोर्ट
अंकित शेखावत
