नई दिल्ली – रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज भारत दौरे पर नई दिल्ली आएंगे इस दौरे का मकसद भारत‑रूस के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है इस अवसर पर दोनों देशों के बीच 9 महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है, जिसमें सबसे अहम है S‑400 एयर‑डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त रेजिमेंट्स की खरीद है भारत पहले ही 2018 में S‑400 प्रणाली की तीन यूनिट खरीद चुका है अब अपनी सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा और वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए भारत अतिरिक्त रेजिमेंट्स खरीदने पर विचार कर रहा है इसके साथ ही सukhoi‑57 लड़ाकू विमान और अन्य रक्षा उपकरणों के लिए भी बातचीत हो सकती हैइस दौरे में पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के अलावा दोनों देशों के रक्षा मंत्री और वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे यह बैठक न केवल रक्षा क्षेत्र में बल्कि ऊर्जा, परमाणु और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी और रक्षा विशेषज्ञ इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग ले रहे हैं भारत S‑400 एयर‑डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त यूनिट खरीदने की तैयारी में हैS‑400 के साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और स्थानीय उत्पादन के विकल्प भी शामिल हैंअन्य समझौतों में Sukhoi‑57 लड़ाकू विमान और रक्षा उपकरणों का सौदा हो सकता हैऊर्जा, परमाणु और रक्षा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए 9 अहम डील पर होगी चर्चारूस‑भारत वार्षिक समिट 4–5 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है

पुतिन आज सुबह दिल्ली आएंगे और आज ही प्रधानमंत्री मोदी से बैठक और डिनर करेंगे S‑400 की अतिरिक्त यूनिट की डिलीवरी अगले वर्ष 2025–26 में होने की संभावना है यह बैठक और समझौते नई दिल्ली में होंगे S‑400 प्रणाली भारत में सीमावर्ती इलाकों और महत्वपूर्ण रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए तैनात की जाएगी S‑400 लंबी दूरी तक हवाई खतरे (विमान, ड्रोन, बैलिस्टिक मिसाइल) को रोकने में सक्षम है भारत सीमावर्ती तनाव और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए वायु रक्षा मजबूत करना चाहता है यह कदम भारत‑रूस के पुराने रक्षा साझेदारी और भरोसे को और मजबूत करेगा,

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर से भारत स्थानीय रूप से उत्पादन और रख‑रखाव में सक्षम होगा,रणनीतिक दृष्टि से दक्षिण एशिया और हिंद‑प्रशांत क्षेत्र में भारत की स्थिति मजबूत होगीदोनों देशों के बीच रक्षा, एयरोस्पेस, ड्रोन और मिसाइल डिफेंस तकनीक पर भी बातचीत होगीयह डील भारत की वायु रक्षा क्षमता को बढ़ाएगी और पड़ोसी देशों के साथ रक्षा संतुलन बनाएगीयह यात्रा भारत‑रूस के रणनीतिक, तकनीकी और राजनीतिक संबंधों को नई दिशा देगी जिससे इस कदम से भारत की सीमाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी
रिपोर्ट
अमित कुमार
