तत्तापानी, हिमाचल प्रदेश, मकर संक्रांति के पावन अवसर पर तत्तापानी में आस्था और श्रद्धा का सैलाब देखने को मिला पर्व के मौके पर सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं ने गर्म पानी में डुबकी लगाकर अपने मन और शरीर को पवित्र किया यह परंपरा हर साल बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जाती है, और इस साल भी स्थानीय प्रशासन ने इसे व्यवस्थित और सुरक्षित रूप से मनाने के लिए विशेष इंतजाम किए थेसैकड़ों श्रद्धालु और दूर-दूर से आए लोग सुबह-सुबह ठंडे मौसम में भी गर्म पानी की डुबकी लेने के लिए तैयार दिखाई दिए श्रद्धालुओं का कहना था कि मकर संक्रांति पर तत्तापानी में स्नान करने से पाप नष्ट होते हैं और सुख-समृद्धि मिलती है बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी ने उत्साह और श्रद्धा के साथ डुबकी लगाई,

जिससे यह पर्व हर उम्र के लोगों के लिए यादगार बन गया इस अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तत्तापानी में पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक तैनात किए गए। स्नान के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए प्राथमिक चिकित्सा की भी व्यवस्था की गई थी इसके अलावा, भीड़ के लिए मार्गदर्शन और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गएइस वर्ष मकर संक्रांति पर विशेष रूप से 3 क्विंटल खिचड़ी का प्रसाद तैयार किया गया, जिसे स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं को वितरित किया गया खिचड़ी का यह प्रसाद स्थानीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा प्रशासन और मंदिर समितियों ने सुनिश्चित किया कि प्रसाद हर श्रद्धालु तक समय पर पहुंचे और सभी को बराबर मात्रा में दिया जाएस्नान के दौरान तत्तापानी की घाटियों में धार्मिक वातावरण का अनुभव किया गया लोग मंत्रोच्चारण और भजन-कीर्तन के साथ अपने विश्वास और श्रद्धा को प्रकट कर रहे थे स्थानीय दुकानदारों और भोजनालयों ने भी इस अवसर पर विशेष व्यंजन तैयार किए,

जिससे श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ स्वादिष्ट भोजन का अनुभव भी मिलामकर संक्रांति का पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी लोगों को एक साथ लाता है तत्तापानी में डुबकी लगाना इस पर्व की सबसे प्रमुख परंपराओं में से एक है इस परंपरा के अनुसार, गर्म पानी में स्नान करने से स्वास्थ्य लाभ भी होता है और यह शारीरिक एवं मानसिक रूप से तरोताजा करने वाला अनुभव माना जाता हैभक्तों ने कहा कि तत्तापानी में इस वर्ष की डुबकी उनके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भरने का माध्यम रही सुबह से ही घाटियों में हर तरफ श्रद्धालुओं की हलचल और उत्साह देखने को मिला कई लोग परिवार और मित्रों के साथ आए थे,

जिससे पर्व का सामाजिक महत्व भी स्पष्ट रूप से दिखा बच्चों और युवाओं ने भी इस परंपरा में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया, जिससे यह पर्व आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जीवित रहेगास्थानीय मीडिया ने भी इस कार्यक्रम को प्रमुखता से कवर किया, और आस्था और उत्साह से भरी इस घटना की झलक लोगों तक पहुंचाई प्रशासन और स्वयंसेवकों की कोशिशों के कारण स्नान और प्रसाद वितरण सुचारू और व्यवस्थित रूप से हुआ इस प्रकार, मकर संक्रांति पर तत्तापानी की डुबकी ने श्रद्धा, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक सहयोग का सुंदर संगम प्रस्तुत किया
