इंदौर में दूषित पानी से फैली बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया है अब तक इस वजह से 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग उल्टी-दस्त, बुखार और पेट संक्रमण की शिकायत के साथ अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके वही हैं जहां पानी की सप्लाई पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों के जरिए की जा रही थी नस्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री खुद अस्पताल पहुंचे और भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। सीएम ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों से इलाज की स्थिति की जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी मरीज के इलाज में लापरवाही नहीं होनी चाहिए उन्होंने प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद और मुआवजे का भरोसा भी दिलायाप्राथमिक जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है

अधिकारियों के मुताबिक कई इलाकों में जल आपूर्ति की पाइपलाइन सीवेज लाइन के संपर्क में आ गई थी, जिससे पीने का पानी दूषित हो गया स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले भी गंदे पानी की शिकायतें की गई थीं, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की गई मामले ने न्यायिक रूप भी ले लिया है हाईकोर्ट ने दूषित पानी से हुई मौतों पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि अब तक क्या कदम उठाए गए,

दोषियों की पहचान हुई या नहीं और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए क्या ठोस व्यवस्था की जा रही हैस्वास्थ्य विभाग और नगर निगम अलर्ट मोड पर हैं प्रभावित इलाकों में पानी की सप्लाई बंद कर टैंकरों के जरिए स्वच्छ पानी पहुंचाया जा रहा है पानी के सैंपल लेकर जांच की जा रही है और लोगों को उबला हुआ पानी पीने, बाहर का खाना न खाने और किसी भी तरह की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी गई हैप्रशासन ने लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन लगातार हो रही मौतों ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं फिलहाल पूरे मामले पर हाईकोर्ट की नजर बनी हुई है और अगली सुनवाई में राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी
