संसद का शीतकालीन का आज पहला दिन शुरू होते ही सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाज़ी देखने को मिली है पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर सीधा हमला किया और कहा कि सदन में ड्रामा करने से कुछ नहीं होगा, जनता के लिए डिलीवरी देना चाहिए विपक्ष हाल की चुनावी हार को अब तक पचा नहीं पा रहा है, इसलिए हर मुद्दे पर अनावश्यक शोर और हंगामा कर रहा है।मोदी के इस बयान के तुरंत बाद कांग्रेस ने पलट कर जवाब में प्रियंका गांधी ने कहा कि सदन में मुद्दे उठाना ड्रामा नहीं है,

बल्कि विपक्ष का कर्तव्य है। अगर जनता की आवाज़ संसद में नहीं सुनी जाएगी तो फिर सुनी कहां जाएगी उनके इस बयान से माहौल और गर्म हो गया और राजनीतिक बहस पूरे दिन चलती रही।PM नरेंद्र मोदी का तीखा बयान:-सत्र की शुरुआत में पीएम मोदी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस बार का सत्र बेहद महत्वपूर्ण है और उम्मीद है कि विपक्ष रचनात्मक भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा किन देश की जनता विकास चाहती है, ड्रामा नहीं ,कुछ लोग चुनाव हारकर सदन में भी वही मानसिकता लेकर आते हैं,हंगामा करने से जनता का भला नहीं होता, न ही कोई समस्या हल होती है ,अच्छा होगा कि विपक्ष भूमिका निभाए और देश के विकास में सहयोग करे , सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन चर्चा शांति, तथ्य और सम्मान के साथ होनी चाहिए, संसद जनता के मुद्दों पर चर्चा का मंच है, लेकिन विपक्ष का ध्यान सिर्फ हंगामा और बयानबाज़ी पर है।

प्रियंका गांधी का मोदी को करारा जवाब:-पीएम मोदी के बयान पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा किजनता के मुद्दे उठाना हमारा संवैधानिक दायित्व है अगर हम महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की परेशानी और महिला सुरक्षा के सवाल पूछते हैं, तो उसे ड्रामा कैसे कहा जा सकता है,विपक्ष इसलिए है ताकि सरकार जवाब दे और लोकतंत्र मजबूत हो सके , सरकार हर बार सवालों से बचने के लिए विपक्ष पर ड्रामा करने का आरोप लगा देती है, जबकि सच्चाई यह है कि गंभीर मुद्दों पर सरकार जवाब नहीं देना चाहती।
रिपोर्ट
अमित कुमार
