इथियोपिया का Hayli Gubbiज्वालामुखी 12 साल बाद अचानक रविवार को फट गया। इसके विस्फोट से राख और धुआँ बहुत ऊँचाई तक फैल गया और 15km ऊंचा तक इसका राख बादल हवा के रास्ते से भारत की ओर बढ़ा और करीब 4,300 किलोमीटर दूर दिल्ली तक पहुँच गया इसके कारण न सिर्फ भारत में हवा का असर हुआ, बल्कि हवाई यातायात को भी प्रभावित हुआ है इस ज्वालामुखी के फटने के तुरंत बाद राख और सल्फर गैस का गुबार बन गया और उपग्रह और मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यह बादल यमन और ओमान होते हुए भारत की ओर बढ़ा वही दिल्ली‑एनसीआर, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में इसका असर देखा जा रहा है राख बादल की गति लगभग 100–120 किलोमीटर प्रति घंटे थी। इस वजह से यह बहुत कम समय में भारत तक पहुँच गयाइस घटना के बाद DGCA ने चेतावनी जारी की है

एयरलाइनों को कहा गया कि राख वाले क्षेत्रों से उड़ानें बचाएँ और अपनी उड़ान योजना बदलें। विमान में इंजन में कोई दिक्कत दिखे या धुआँ महसूस हो तो तुरंत कार्रवाई करें वही हवाई अड्डों पर रनवे और पार्किंग क्षेत्र की भी जाँच करने के निर्देश दिए गए है जिसमें से एयर इंडिया ने 11 उड़ानें रद्द कर दी जिनमें से kasa Air 25 नवंबर की जेद्दा, कुवैत और अबू धाबी की उड़ानें रद्द कीं गई है IndiGo ने भी कुछ उड़ानों में बदलाव किया।KLM ने एम्स्टर्डम–दिल्ली और वापस की उड़ानें रद्द की गई है एयरलाइनों ने यात्रियों से धैर्य रखने और फ्लाइट अपडेट लगातार चेक करने को कहा है।ज्वालामुखी के फटने का राख बादल इतनी ऊँचाई पर था कि जमीन पर वायु गुणवत्ता (AQI) पर ज्यादा असर नहीं पड़ा लेकिन राख में छोटे कण और चट्टानी टुकड़े हो सकते हैं, जो हवाई जहाज और स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं इथियोपिया के अफार क्षेत्र के लोग विस्फोट की आवाज़ से डर गए। उन्होंने इसे बम फुटाने जैसा बताया वही आसपास के गांवों में राख जमने के कारण चरागाह और पशुपालन भी प्रभावित हुए है स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी है

सऊदी अरब और ओमान ने भी अपने देशों में चेतावनी जारी कर दी है कि एयरलाइंस और हवाई अड्डे मिलकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं। वैज्ञानिक भी राख बादल की दिशा और गति पर ध्यान दे रहे हैं ताकि हवाई मार्ग सुरक्षित रहेंHayli Gubbi ज्वालामुखी का यह अचानक फटना भूगर्भीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है। राख बादल ने भारत तक पहुँचकर हवाई यातायात और स्थानीय परिस्थितियों को प्रभावित किया है DGCA और एयरलाइंस ने तुरंत कार्रवाई की और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की है यह घटना दिखाती है कि प्राकृतिक आपदाएँ केवल स्थानीय नहीं रहतीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी असर डाल सकती हैं।इस घटना से यह भी पता चलता है कि हमें प्राकृतिक आपदाओं के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। एयरलाइंस और हवाई सुरक्षा प्राधिकरण ने जो कदम उठाए, वह यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी थे साथ ही, वैज्ञानिक भी इसकी निगरानी कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी भी खतरे से निपटा जा सके।
