बांग्लादेश की पूर्व PM खालिदा जिया पिछले काफी समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं उनकी तबीयत लगातार नाजुक बनी हुई थी और हाल के दिनों में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था उनके निधन की पुष्टि होते ही पूरे बांग्लादेश में शोक की लहर दौड़ गई सरकार ने उनके सम्मान में राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है और सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया है आज होने वाले अंतिम संस्कार में बांग्लादेश के शीर्ष राजनीतिक नेता, वरिष्ठ अधिकारी, सैन्य प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम लोग शामिल होंगे भारत की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अंतिम संस्कार में शिरकत करेंगे और भारत सरकार की तरफ से श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

उनकी मौजूदगी को भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि खालिदा जिया का राजनीतिक जीवन दोनों देशों के रिश्तों से भी जुड़ा रहा हैखालिदा जिया ने बांग्लादेश की राजनीति में दशकों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई वह दो बार देश की प्रधानमंत्री रहीं और लंबे समय तक सत्ता और विपक्ष दोनों में प्रभावशाली आवाज बनी रहीं बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की स्थापना और उसे राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही उनका राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ावों, आंदोलनों और विवादों से भरा रहा, लेकिन समर्थकों के बीच उनकी लोकप्रियता बनी रहीnखालिदा जिया के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों और अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें मजबूत नेता और लोकतंत्र की आवाज बताते हुए श्रद्धांजलि दीअंतिम संस्कार से पहले उनके पार्थिव शरीर को आम लोगों के दर्शन के लिए रखा गया,

जहां हजारों की संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे अंतिम संस्कार को देखते हुए ढाका में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो प्रशासन का कहना है कि पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाएगाखालिदा जिया का निधन न केवल बांग्लादेश, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है उनके जाने से क्षेत्रीय राजनीति में एक प्रभावशाली और चर्चित नेता की कमी महसूस की जाएगी
