वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को देश में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच एक सनसनीखेज घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब उन देशों से आने वाले शरणार्थियों को अमेरिका में कभी प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा, जिन्हें सामान्य बोलचाल में “थर्ड वर्ल्ड” कहा जाता है।

ट्रम्प ने इसे “अमेरिका को फिर से मजबूत और सुरक्षित बनाने” की दिशा में सबसे जरूरी कदम बताया। राष्ट्रपति ने यह बयान वॉशिंगटन डीसी में दो नेशनल गार्ड सैनिकों की दुखद मौत के बाद दिया। उनका साफ आरोप था कि देश में हो रहे कई हमले और अपराध अवैध या अनियंत्रित प्रवासियों की वजह से हो रहे हैं। ट्रम्प ने कहा, “हमारी मौजूदा इमिग्रेशन व्यवस्था ने आम अमेरिकी नागरिकों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। अब बस बहुत हुआ।”
कौन से देशों पर लगेगी रोक?

हालांकि “थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज” कोई आधिकारिक कानूनी शब्द नहीं है, लेकिन राष्ट्रपति के इशारे साफ हैं – अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, मध्य पूर्व और एशिया के निम्न एवं निम्न-मध्यम आय वाले देशों से आने वाले लोगों पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसके साथ ही यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने एक और कड़ा कदम उठाते हुए 19 “हाई-रिस्क” देशों की नई सूची जारी की है। इन देशों से पहले से ग्रीन कार्ड प्राप्त कर चुके लोगों की भी दोबारा गहन जांच शुरू हो गई है। यह नियम 27 नवंबर 2025 से तत्काल प्रभावी हो चुका है।
इन 19 देशों में शामिल हैं:
अफगानिस्तान, म्यांमार (बर्मा), चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, एरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, यमन, बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला।

USCIS के निदेशक जोसेफ एडलो ने बताया कि राष्ट्रपति के जून 2025 के कार्यकारी आदेश के तहत इन देशों को “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंताजनक” घोषित किया गया था। अब इन देशों से आए हर व्यक्ति – चाहे उसका ग्रीन कार्ड पुराना हो या नया – की फाइल फिर से खंगाली जाएगी।
गैर-नागरिकों को सरकारी लाभ बंद, नागरिकता भी जा सकती है:-
राष्ट्रपति ट्रम्प ने साफ शब्दों में कहा – “जो लोग अमेरिका से सच्चा प्यार नहीं करते, जो यहां सिर्फ फायदा उठाने आते हैं, जो हमारी सभ्यता और मूल्यों से मेल नहीं खाते, उन्हें कोई जगह नहीं मिलेगी।”उन्होंने घोषणा की कि अब कोई भी गैर-नागरिक (नॉन-सिटिजन) अमेरिका में कोई सरकारी सुविधा, सब्सिडी या कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं ले सकेगा। साथ ही जो प्रवासी सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा बनेंगे या “पब्लिक चार्ज” (सरकार पर बोझ) साबित होंगे, उनकी अमेरिकी नागरिकता भी रद्द की जा सकती है।
अमेरिका फर्स्ट की सबसे सख्त अभिव्यक्ति:-
ट्रम्प प्रशासन इसे “अमेरिका फर्स्ट” नीति की अब तक की सबसे मजबूत और स्पष्ट अभिव्यक्ति बता रहा है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में डिपोर्टेशन के आंकड़े रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं और लाखों लोग प्रभावित हो सकते हैं।राष्ट्रपति ने अंत में कहा, “अमेरिका दया का देश है, लेकिन पहले अपने लोगों की सुरक्षा और समृद्धि। जो हमारे साथ नहीं, वह हमारे खिलाफ है। अब समय आ गया है कि हम अपने घर को फिर से सुरक्षित बनाएं।”
रिपोर्ट
अंकित शेखावत
