
बॉलीवुड के ‘अन्ना’ यानी सुनील शेट्टी आज भी 63 की उम्र में जिस्म से जवान और जोश से लबर हैं। हाल ही में दिल्ली में हुए लल्लनटॉप अड्डा 2025 के मंच पर वो पहुंचे तो हॉल तालियों से गूंज उठा। लेकिन जब उनसे साउथ की फिल्मों के ऑफर्स के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब सुनकर हर कोई चौंक गया।सुनील शेट्टी ने बेबाक अंदाज में खोला राज – “हाँ, साउथ से लगातार ऑफर्स आते हैं। लेकिन दुख की बात ये है कि ज्यादातर नेगेटिव रोल्स ही होते हैं। वहाँ के मेकर्स सोचते हैं कि हिंदी फिल्मों का हीरो अगर विलेन बनेगा तो स्क्रीन पर धमाल मचेगा। मैं वो इमेज नहीं तोड़ना चाहता। मैंने आज तक जो मुहब्बत कमाई है, उसे खलनायक बनकर खत्म नहीं करना।”

हालांकि एक अपवाद जरूर है – रजनीकांत सर की फिल्म ‘दरबार’। मुस्कुराते हुए अन्ना बोले, “वो तो मेरी बकेट लिस्ट थी! अमिताभ बच्चन sir, रजनी sir – इन लीजेंड्स के साथ काम करना सपना था। सिर्फ इसलिए मैंने हाँ कहा, वरना नेगेटिव रोल मेरी डिक्शनरी में नहीं है।” फिर बात चली उनकी हालिया तुलु फिल्म ‘जय’ की। सुनील ने गर्व से कहा, “एक छोटी-सी तुलु फिल्म की, आज वो जबरदस्त हिट चल रही है। लोगों का प्यार वैसा ही मिल रहा है जैसा कभी ‘बलवान’ को मिला था।

आज भाषा दीवार नहीं रही। अगर कहानी में दम है, तो वो हर दीवार तोड़ देगी।”तो जनाब, साउथ के सुपरस्टार्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने की काबिलियत रखने वाले सुनील शेट्टी अपनी शर्तों पर जी रहे हैं – न विलेन बनेंगे, न अपनी हीरो वाली छवि से समझौता करेंगे। ये है असली अन्ना का जलवा !
रिपोर्ट
अंकित शेखावत
