ढाका में बांग्लादेश की राजनीति की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में शुमार पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। उनकी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने शुक्रवार को पुष्टि की कि जिया की सेहत लगातार बिगड़ रही है और डॉक्टर उनकी स्थिति को लेकर चिंतित हैं।

80 वर्षीय खालिदा जिया लंबे समय से लिवर, किडनी, डायबिटीज, गठिया और आंखों की बीमारियों से जूझ रही हैं। 23 नवंबर को उन्हें ढाका के एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जब अचानक उन्हें सीने में संक्रमण हो गया था। यह संक्रमण अब दिल और फेफड़ों तक पहुंच चुका है। अस्पताल में स्थानीय और विदेशी डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।BNP नेताओं ने बताया कि गुरुवार रात से उनकी हालत और गंभीर हो गई है। वहीं, अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने भी उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई है और देशवासियों से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए दुआ करने की अपील की है।खालिदा जिया को 6 अगस्त 2024 को जेल से रिहा किया गया था, ठीक एक दिन पहले शेख हसीना सरकार के तख्तापलट की घटना हुई थी। रिहाई के बाद वे इलाज के लिए लंदन गईं, जहां चार महीने रहने के बाद 6 मई को वे देश लौटीं।
राजनीतिक सफर:-

खालिदा जिया का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। वे 1991 से 1996 और 2001 से 2006 तक दो बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं। वह देश के पूर्व राष्ट्रपति जिया-उर-रहमान की पत्नी हैं, जिनकी 1981 में सेना विद्रोह के दौरान हत्या कर दी गई थी। पति की मौत के बाद पार्टी टूटने लगी, लेकिन 1984 में खालिदा ने BNP की बागडोर संभाली और फिर 1991 में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।उनके बड़े बेटे तारीक रहमान, जो BNP के कार्यकारी अध्यक्ष हैं, 2008 से लंदन में निर्वासन में रह रहे हैं। छोटे बेटे अराफात रहमान का 2025 में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।आज जब खालिदा जिया की सेहत को लेकर पूरे बांग्लादेश में चिंता बढ़ी है, तब उनके समर्थक अस्पताल के बाहर एक ही दुआ मांग रहे हैं — देश की ‘आयरन लेडी’ फिर से खड़ी हो जाएं !
रिपोर्ट
अंकित शेखावत
