
पणजी, 7 दिसंबर: उत्तर गोवा के मशहूर पार्टी हब अरपोरा में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक हाई-प्रोफाइल नाइटक्लब में अचानक हुए जोरदार सिलेंडर धमाके ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। क्लब के किचन एरिया में रखे कमर्शियल गैस सिलेंडर में अचानक विस्फोट हुआ और देखते-देखते आग की लपटों ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयावह हादसे में अब तक 23 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें स्थानीय स्टाफ के साथ-साथ देसी-विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं।

रात करीब साढ़े ग्यारह बजकर पचास मिनट पर हुआ धमाका इतना तेज था कि क्लब की छत का एक हिस्सा तक उड़ गया। भीतर मौजूद सैकड़ों युवा डीजे की धुन पर झूम रहे थे कि अचानक तेज धमाका हुआ और उसके साथ ही चारों तरफ अंधेरा, धुआँ और चीखें गूंजने लगीं। कुछ ही सेकंड में पूरा डांस फ्लोर धुएँ से भर गया, जिससे निकलने का रास्ता तक नजर नहीं आ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई लोग बाहर निकलने की कोशिश में एक-दूसरे पर गिर पड़े और आपा-धापी में कईयों की जान चली गई।
मृतकों में तीन युवतियाँ और चार विदेशी पर्यटक भी हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि ज्यादातर लोगों की मौत जहरीले धुएँ से दम घुटने के कारण हुई, जबकि कुछ शव पूरी तरह जल चुके हैं। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
मौके पर पहुँचे मुख्यमंत्री और विधायक:-

सूचना मिलते ही गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और क्षेत्रीय विधायक माइकल लोबो तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे। सीएम सावंत ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह राज्य के लिए बहुत दुखद दिन है। उन्होंने कहा, “हम हर मृतक के परिवार को हर संभव मदद देंगे और इस हादसे की गहराई तक जाँच कराई जाएगी। जिस किसी की भी लापरवाही सामने आएगी, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
सवालों के घेरे में सुरक्षा मानक:-
अरपोरा इलाका गोवा का सबसे व्यस्त नाइटलाइफ ज़ोन है, जहाँ दर्जनों बड़े-बड़े क्लब एक के बाद एक सटे हुए हैं। इस हादसे ने एक बार फिर नाइटक्लब्स में फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और गैस सिलेंडर रखने के नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई लोग यह भी पूछ रहे हैं कि पीक सीजन में इतने बड़े क्लब में फायर ब्रिगेड को पहुँचने में इतना वक्त क्यों लगा?

फिलहाल पुलिस, फॉरेंसिक टीम और फायर डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम मौके पर जांच कर रही है। क्लब मालिक को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है।
गोवा सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों के पूरे इलाज का खर्च उठाने का ऐलान किया है। साथ ही पूरे राज्य में सभी नाइटक्लब्स और रेस्तराँ की तत्काल फायर सेफ्टी ऑडिट के आदेश दे दिए गए हैं।
यह हादसा गोवा की चमकदार नाइटलाइफ पर एक काला धब्बा बन गया है और आने वाले दिनों में पर्यटकों के मन में सुरक्षा को लेकर सवाल जरूर उठेंगे।
रिपोर्ट
अंकित शेखावत
