ढाका: बांग्लादेश की राजनीति में एक नया भूचाल आ गया है। बुधवार को राष्ट्रीय राजस्व बोर्ड (NBR) की केंद्रीय खुफिया इकाई (CIC) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नाम से दर्ज दो बैंक लॉकरों से 832 भरी (लगभग 9.7 किलोग्राम) सोने के गहने जब्त किए। यह कार्रवाई बांग्लादेश में भ्रष्टाचार और आयकर चोरी के संदिग्ध मामलों की जांच के तहत की गई।लॉकरों की बरामदगी ढाका के Agrani Bank, मोटीझील शाखा में हुई। ये वॉल्ट्स पहले ही 17 सितंबर 2025 को चिन्हित किए गए थे, लेकिन अदालत की अनुमति मिलने के बाद ही इन्हें खोला गया। जब्ती के दौरान बैंक अधिकारी, CIC की टीम और मैजिस्ट्रेट भी वहां मौजूद थे।इन लॉकरों में सिर्फ सोने की गहने ही नहीं मिले, बल्कि कई विदेशी पुरस्कार और दूतावासों द्वारा दिए गए सम्मान भी पाए गए। अधिकारियों का कहना है कि कुछ उपहार और पुरस्कार राज्य खजाने में जमा होने चाहिए थे, लेकिन ये लॉकर में सुरक्षित रखे गए थे पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके परिवार के खिलाफ पिछले साल से ही टैक्स चोरी और संपत्ति छुपाने के आरोप लगे है इस दौरान NBR और अन्य जांच एजेंसियों ने उनके बैंक खातों और संपत्तियों की भी पड़ताल शुरू कर दी थी कि इतनी बड़ी मात्रा में सोने और गहनों का होना, जबकि इन्हें आयकर रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया

आयकर और संपत्ति संबंधित गंभीर सवाल खड़े करता है।इस घटना के राजनीतिक असर भी महत्वपूर्ण हैं। पिछले साल अगस्त में हसीना सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद अस्थायी सरकार ने भ्रष्टाचार और संपत्ति छुपाने के मामलों की जांच तेज कर दी थी।बैंक लॉकर — जो सामान्यतः बेहद निजी और सुरक्षित माने जाते हैं — अदालत की अनुमति मिलने पर भी अब जांच एजेंसियों की पहुंच में आ सकते हैं।यदि जांच में यह साबित होता है कि गहने और उपहार अवैध रूप से जमा किए गए थे, तो न केवल संपत्ति जब्त होगी, बल्कि कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माने का रास्ता भी खुल जाएगा। यह मामले बांग्लादेश की राजनीति में सत्ता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार नियंत्रण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं।

इससे अन्य राजनेताओं और उच्च पदस्थ अधिकारियों के खातों और संपत्तियों की भी जांच बढ़ सकती है।सोने की इस भारी बरामदगी ने जनता और मीडिया में हलचल मचा दी है। कई लोग इसे राजनीतिक पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे राजनीतिक दबाव और पॉलिटिकल ड्रामा भी मान रहे है कि आने वाले हफ्तों में ACC और NBR की जांच रिपोर्ट, अदालत की सुनवाई, और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तय करेंगी कि यह मामला सिर्फ एक बरामदगी बनकर रह जाएगा या बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा।
