प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में हो रहे G20 लीडर्स समिट 2025 में हिस्सा लेने के लिए यानि शुक्रवार सुबह तीन दिन साउथ अफ्रीका के लिए रवाना हुए हैं।लेकिन सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय मोड़ यह है कि अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सम्मेलन शुरू होने से मात्र 24 घंटे पहले अपना निर्णय बदल दिया है उन्होंने घोषणा की है कि वे स्वयं G20 में शामिल नहीं होंगे, बल्कि केवल अंतिम दिन एक राजनयिक (चाजे द’अफेयर्स) भेजेंगे।ट्रम्प की अनुपस्थिति ने इस साल के G20 समिट के माहौल और कूटनीति दोनों में बड़ा बदलाव ला दिया है।G20 समिट का आयोजन जोहान्सबर्ग, दक्षिण अफ्रीका में किया जा रहा है।मेजबानी इस बार दक्षिण अफ्रीका सरकार के पास है, जिसने “Solidarity, Equality and Sustainability” थीम रखी है। G20 की मुख्य बैठकें 22 और 23 नवंबर को होंगी।अमेरिका की आधिकारिक उपस्थिति केवल अंतिम दिन रहेगीइसमें भाग लेने वाले नेता:भारत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीचीन: प्रीमियर स्तर का प्रतिनिधियूरोप: फ्रांस, जर्मनी, इटली के प्रमुखG20 के अन्य सदस्य: जापान, सऊदी, तुर्की, ब्राजील आदि अफ्रीकी यूनियन: स्थायी सदस्य के रूप में पहली बार सक्रिय भूमिका रहेगी लेकिन वही ट्रम्प की अनुपस्थिति के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं
ट्रम्प प्रशासन ने हाल के महीनों में दक्षिण अफ्रीका पर “गंभीर मानवाधिकार चिंताएँ” जताई थीं।उनका कहना है कि वे ऐसे देश में जाकर शामिल नहीं हो सकते, जहां “नीतिगत पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों में कमी” है।अमेरिका में चुनावी माहौल तेज है। ट्रम्प को सलाहकारों ने सुझाव दिया कि इस समय विदेशी दौरे से ज्यादा घरेलू मुद्दों पर फोकस करना ज़रूरी है।
