कांग्रेस की एक बड़ी राजनीतिक रैली के दौरान मोदी तेरी कब्र खुदेगी जैसा बेहद विवादित और आपत्तिजनक नारा लगाए जाने से देश की राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई इस नारे सामने आते ही यह मामला केवल भाषण या रैली तक सीमित न रहकर राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक विवाद बन गया है भारतीय जनता पार्टी ने इस नारे को लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है

यह नारा कांग्रेस की सार्वजनिक रैली के दौरान लगाया गया, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे इस रैली स्थल पर लगाए गए इस नारे का वीडियो और खबर जैसे ही मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आई, मामला तेजी से देशभर में चर्चा का विषय बन गया है यह घटना हाल ही में आयोजित कांग्रेस रैली के दौरान हुई नारे सामने आने के तुरंत बाद, यानी कुछ ही घंटों के भीतर, भाजपा नेताओं की ओर से प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं और बयानबाजी का दौर तेज हो गया

देर रात तक यह मुद्दा टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर छाया रहा कांग्रेस रैली में मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा यह नारा लगाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कांग्रेस पर हमला बोला है भाजपा नेताओं और प्रवक्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व को कटघरे में खड़ा करते हुए खास तौर पर राहुल गांधी को निशाने पर लिया वहीं कांग्रेस की ओर से भी सफाई और प्रतिक्रिया सामने आई है भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस सत्ता से बाहर होने की निराशा और राजनीतिक हताशा में अब संयम खो चुकी है और हिंसक व आपत्तिजनक भाषा का सहारा ले रही है भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ इस तरह के नारे देश की लोकतांत्रिक संस्कृति को नुकसान पहुंचाते हैं पार्टी का दावा है कि कांग्रेस अब सकारात्मक राजनीति छोड़कर नफरत और उकसावे की राजनीति कर रही हैइस रैली के दौरान नारेबाजी हुई और उसका वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस, बयान और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है

भाजपा ने कांग्रेस की तुलना मुगलों की सोच से करते हुए कहा कि ऐसी मानसिकता रखने वाले लोग जनता द्वारा राजनीतिक रूप से दफन कर दिए जाएंगे भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस तरह की राजनीति को मौन समर्थन दे रहे हैं और उनका व्यवहार औरंगजेब जैसी सोच को दर्शाता है भाजपा ने कांग्रेस से सार्वजनिक माफी, निंदा और संबंधित कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग की वहीं कांग्रेस की ओर से कहा गया कि पार्टी हिंसा या नफरत की भाषा का समर्थन नहीं करती कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि रैली में बड़ी भीड़ होती है और किसी एक नारे को पार्टी की आधिकारिक नीति नहीं माना जाना चाहिए हालांकि भाजपा ने इस जवाब को अपर्याप्त बताते हुए कांग्रेस पर हमले जारी रखे हैं कुल मिलाकर,

कांग्रेस रैली में लगे इस विवादित नारे ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस आमने-सामने हैं और आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़कों और सोशल मीडिया तक इस मुद्दे पर तीखी बयानबाजी जारी रहने की संभावना जताई जा रही ह
