पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज स्पष्ट किया कि उनकी एक वायरल वीडियो पूरी तरह से नकली है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि उन्होंने अकाल तख्त को चुनौती दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वीडियो उनके बयान का पूरी तरह से गलत प्रस्तुतीकरण है और इसका मकसद उनकी साख और धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करना था भगवंत मान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने इस मामले में अदालत में 2 बैग भरकर सबूत सौंपे हैं, जो स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि वीडियो में जो बातें दिखाई गई हैं, वे वास्तविकता पर आधारित नहीं हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सबूतों में उनके वास्तविक बयान और उनके द्वारा दिए गए भाषण के ऑडियो-वीडियो क्लिप शामिल हैं, जो पूरी तरह से उनकी सफाई करते हैं उन्होंने आगे बताया कि अदालत में उनकी पेशी करीब 40 मिनट चली और इस दौरान वे पूरी तरह से सहयोगी रवैये के साथ पेश हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान नंगे पैर अदालत में आए, जो कि सिख परंपरा का पालन करते हुए सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है उनके इस कदम को धार्मिक और राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा सकारात्मक माना गया, क्योंकि इससे उनकी गंभीरता और सच्चाई पर जोर दिया गया

राजनीतिक गलियारों में यह मामला काफी चर्चा का विषय बन गया है कुछ विरोधी नेताओं ने वायरल वीडियो को उनके खिलाफ सियासी हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की थी, लेकिन मुख्यमंत्री के स्पष्ट बयान और अदालत में पेश किए गए सबूतों ने इसे बेनकाब कर दिया है इस तरह के वीडियो और मैसेज सोशल मीडिया पर तेजी से फैलते हैं और कई बार लोगों की भावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए सही जानकारी और प्रमाण देना बेहद जरूरी है मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य कभी भी किसी धार्मिक संस्थान या परंपरा को चुनौती देना नहीं था उन्होंने अपनी पूरी सियासी और सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए कहा कि वे धार्मिक और सामाजिक भावनाओं का सम्मान करते हैं और हमेशा इसे बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगेइस मामले में अदालत ने भी सबूतों की समीक्षा की और इसे गंभीरता से लिया भगवंत मान के द्वारा पेश किए गए 2 बैग दस्तावेज़ और वीडियो क्लिप ने स्पष्ट कर दिया कि वायरल वीडियो पूरी तरह से भ्रामक है

इससे यह भी साफ हो गया कि मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत और राजनीतिक रुख किसी धार्मिक संस्थान के खिलाफ नहीं हैविश्लेषकों का मानना है कि यह मामला सोशल मीडिया पर फैल रहे झूठे वीडियो और अफवाहों के खिलाफ एक मजबूत संदेश है भगवंत मान का यह कदम यह दिखाता है कि राजनीतिक नेताओं को अपनी साख और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए सही समय पर स्पष्ट और ठोस कदम उठाना चाहिए वे भविष्य में भी इस तरह की अफवाहों का जवाब देने के लिए तैयार हैं और हमेशा सत्य को सामने लाने के लिए सक्रिय रहेंगे

पंजाब की जनता ने भी इस कदम को सराहा और सोशल मीडिया पर कई लोग मुख्यमंत्री के समर्थन में आएइस घटना ने साबित कर दिया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को बिना जांचे साझा करना गंभीर परिणाम ला सकता है मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे अवसर बनाकर सच्चाई को सामने रखा और अपनी राजनीतिक और नैतिक जिम्मेदारी निभाई
