पटना मेट्रो का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राजधानी पटना में पहली बार अंडरग्राउंड मेट्रो चलाने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि अगले साल से पटना में भूमिगत मेट्रो का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए 5 प्रमुख स्टेशनों पर काम अंतिम चरण में चल रहा है। इन स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म, पिलर, बिजली व्यवस्था, वेंटिलेशन और सुरक्षा प्रणालियों का परीक्षण किया जा रहा है,

ताकि संचालन शुरू होते ही यात्रियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।शहर में अभी तक सिर्फ एलिवेटेड मेट्रो के पहले तीन स्टेशन चालू हुए हैं, लेकिन अंडरग्राउंड रूट शुरू होने के बाद मेट्रो पटना के बीचों-बीच पुराने और भीड़भाड़ वाले इलाकों को भी जोड़ देगी। इससे पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर, सचिवालय, चिड़ियाघर और राजा बाजार जैसे क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा।अंडरग्राउंड मेट्रो बनाने में सबसे कठिन काम सुरंग निर्माण का होता है। इसके लिए मिट्टी की क्वालिटी ताकत गहराई और पानी के स्तर की पूरी जांच करनी होती है। इंजीनियरों की टीम पिछले कई महीनों से लगातार सॉयल टेस्टिंग का काम कर रही थी,

जिसे अब लगभग पूरा कर लिया गया है।मिट्टी के नमूनों की लैब जांच रिपोर्ट आने के बाद अब टनल बोरिंग मशीन (TBM) को लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। ये मशीनें लगभग 20–25 मीटर की गहराई में सुरंग बनाती हैं और प्रतिदिन कई मीटर तक आगे बढ़ सकती हैं। सुरंग के निर्माण को समय पर पूरा करने के लिए 2 से 4 TBM लगाई जाएँगी।5 स्टेशनों पर दौड़ सकती है पहली भूमिगत मेट्रोमेट्रो कॉरिडोर-1 के इन स्टेशनों पर अगले साल(2026)से सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है

1. पटना जंक्शन
2. विद्युत भवन
3. विकास भवन
4. चिड़ियाघर (Patna Zoo)
5. राजा बाजारइन सभी जगहों पर स्टेशन स्ट्रक्चर लगभग पूरा है।
अब finishing work, ventilation सिस्टम, emergency exits और फायर सेफ्टी सिस्टम को इंस्टॉल किया जा रहा है। कई जगहों पर लिफ्ट व एस्केलेटर लगाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है।अंडरग्राउंड स्टेशन पूरी तरह एयर-कंडीशंड होंगे और दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर हाई-टेक सुविधाओं से लैस रहेंगे हर स्टेशन परदो प्रवेश और दो बाहर निकले का द्वार,लिफ्ट और एस्केलेटर ,फायर सुरक्षा उपकरण,सीसीटीवी कैमरे की निगरानी,कंट्रोल रूम,मेट्रो कार्ड और टिकट वेंडिंग मशीन भी मौजूद रहेंगे।अंडरग्राउंड स्टेशन इस तरह से डिजाइन किए गया हैं कि आपातकाल की स्थिति में यात्रियों को तेज़ी से बाहर निकाला जा सके। स्टेशन के अंदर विशेष एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम भी लगाया जा रहा है।

मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि टनल का काम समय पर पूरा होने पर 2025 के अंत में ट्रायल रन शुरू किया जा सकता है। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो 2026 में पटना अंडरग्राउंड मेट्रो की पहली यात्रा आम लोगों के लिए खोल दी जाएगी।इस रूट के चालू होने के बाद प्रतिदिन 80 हजार से अधिक यात्रियों के मेट्रो उपयोग करेगे इससे शहर के बस स्टैंड और प्रमुख सड़कों पर भीड़ काफी कम होगी।
रिपोर्ट
अमित कुमार
