विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुम्भा गांव में एक मां ने अपनी ही 13 साल की नाबालिग बेटी की नरबलि कर दी। पुलिस की SIT जांच में खुलासा हुआ कि बेटे की बीमारी ठीक करने के लिए तांत्रिक के कहने पर यह जघन्य कांड अंजाम दिया गया।रामनवमी के मंगला जुलूस के दौरान 24 मार्च की रात बच्ची लापता हुई और अगले दिन उसका शव बरामद किया गया।

पुलिस ने मां रेशमी देवी, तांत्रिक महिला शांति देवी और मां के प्रेमी भीम राम समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन अंधविश्वास के नाम पर हुई इस नृशंस हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। अंधविश्वास इंसानियत को कहाँ ले जा सकता है, यह घटना उसका भयावह उदाहरण है।
