वेनेजुएला में सत्ता संकट के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है देश की वर्किंग प्रेसिडेंट ने दावा किया है कि अमेरिकी शर्तें मानने के फैसले ने कई वरिष्ठ मंत्रियों की जान बचा ली उन्होंने कहा कि हालात इतने गंभीर थे कि सरकार के पास फैसला लेने के लिए महज 15 मिनट का समय था अगर उस वक्त समझौता नहीं किया जाता, तो सुरक्षा बलों को गोली चलाने का आदेश मिल सकता थावर्किंग प्रेसिडेंट के मुताबिक, यह देश के इतिहास के सबसे तनावपूर्ण क्षणों में से एक था उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय दबाव, आंतरिक अस्थिरता और सैन्य गतिविधियों के बीच सरकार एक बेहद नाजुक मोड़ पर खड़ी थी अमेरिकी पक्ष की ओर से रखी गई शर्तों को लेकर लगातार बातचीत चल रही थी, लेकिन समय तेजी से खत्म हो रहा थाउन्होंने कहा, हमें साफ शब्दों में बताया गया था कि अगर तय समय सीमा में फैसला नहीं लिया गया, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं सैनिक पूरी तरह अलर्ट पर थे और किसी भी आदेश का इंतजार कर रहे थे वर्किंग प्रेसिडेंट के इस बयान से साफ है कि उस वक्त वेनेजुएला में सत्ता और सुरक्षा के बीच टकराव की स्थिति बन चुकी थीसूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी शर्तों में राजनीतिक और कूटनीतिक मुद्दों के साथ-साथ भविष्य की रणनीति से जुड़े कई अहम बिंदु शामिल थे

इन शर्तों को मानना सरकार के लिए आसान नहीं था, क्योंकि इससे देश की संप्रभुता और आंतरिक राजनीति पर असर पड़ने की आशंका थी इसके बावजूद हालात को देखते हुए सरकार ने तत्काल फैसला लियावर्किंग प्रेसिडेंट ने कहा कि यह फैसला किसी एक व्यक्ति का नहीं था, बल्कि पूरे कैबिनेट और सुरक्षा एजेंसियों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद लिया गया उन्होंने यह भी माना कि अगर थोड़ी भी देरी होती, तो हालात हिंसक रूप ले सकते थे और कई जानें जा सकती थींइस खुलासे के बाद वेनेजुएला की राजनीति में हलचल तेज हो गई है विपक्षी दल सरकार पर अमेरिका के दबाव में झुकने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि यह फैसला देश को गृहयुद्ध जैसे हालात से बचाने के लिए जरूरी था सरकार समर्थकों का तर्क है कि उस समय प्राथमिकता किसी भी कीमत पर शांति बनाए रखना थीअंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस बयान के मायने निकाले जा रहे हैं

जानकारों का कहना है कि यह घटना दिखाती है कि वेनेजुएला संकट में अमेरिका की भूमिका कितनी प्रभावशाली रही है। साथ ही यह भी साफ होता है कि देश के भीतर सत्ता संतुलन कितना कमजोर हो चुका थाराजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वर्किंग प्रेसिडेंट का यह बयान आने वाले दिनों में कूटनीतिक बहस को और तेज कर सकता है अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है। इसके अलावा, यह मामला संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठ सकता हैफिलहाल, वेनेजुएला में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन यह खुलासा यह साफ करता है कि हालिया संकट कितना गंभीर और खतरनाक था 15 मिनट के उस फैसले ने न सिर्फ मंत्रियों की जान बचाई, बल्कि देश को एक बड़े रक्तपात से भी दूर रखा
