छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय DGP–IG कॉन्फ्रेंस का पहला दिन बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रहा। देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के DGP और IG रैंक के अधिकारी इस साल की वार्षिक सुरक्षा समीक्षा में शामिल हुए।इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति ने इसे और अधिक महत्त्वपूर्ण बना दिया। इस अवसर पर आंतरिक सुरक्षा की वर्तमान चुनौतियों, उभरते खतरों और पुलिसिंग के आधुनिक मॉडल पर व्यापक चर्चा हुई।

इस सम्मेलन के पहले दिन एक खास क्षण वह था जब देश के सर्वश्रेष्ठ पुलिस थानों की सूची जारी की गई। इस साल दिल्ली के गाजीपुर थाना को देश का बेस्ट पुलिस स्टेशन चुना गया। इसके साथ ही अंडमान-निकोबार का पेरहगांव थाना और कर्नाटक का कावितला थाना क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। इन तीनों थानों को केंद्रीय गृह मंत्री की मौजूदगी में सम्मानित किया गया है # गाजीपुर का थाना बना देश का बेस्ट का स्टोरी :-गाजीपुर थाना दिल्ली के उन इलाकों में स्थित है जहां जनसंख्या घनत्व अधिक है और अपराध नियंत्रण चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसके बावजूद, थाना स्टाफ ने अपने बेहतर प्रबंधन, त्वरित कार्रवाई, जनता से जुड़ाव, जिम्मेदारी और पारदर्शिता के दम पर ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जो देशभर की पुलिस के लिए मिसाल बन चुकी है।गाजीपुर थाना अपने क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा, साइबर क्राइम सेल की सक्रियता, समय पर मामलों का निपटान और साफ-सुथरे इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण लंबे समय से चर्चा में रहा है।

कई महीनों की जांच और 80 से अधिक पैरामीटर्स पर मूल्यांकन के बाद इसे देश का सर्वश्रेष्ठ थाना घोषित किया गया है यह चयन उस दिशा को दिखाता है जिसमें भारतीय पुलिस व्यवस्था तेजी से सुधार की ओर बढ़ रही है।कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपस्थित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बातचीत की और पुलिसिंग को आधुनिक बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि आज की बदलती वैश्विक परस्थितियों में आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। साइबर अपराध, नशे की तस्करी, ड्रोन के जरिए सीमा-पार गतिविधियाँ, उग्रवाद और आतंकी नेटवर्क

यह सब भारत की सुरक्षा व्यवस्था के लिए नई चुनौतियाँ खड़ी कर रहे हैं।DGP-IG कॉन्फ्रेंस भारत की सुरक्षा रणनीति का मूल आधार माना जाता है। यहां पुलिस प्रमुख अपने अनुभव, चुनौतियाँ और सफल मॉडल आपस में साझा करते हैं। इससे राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनता है, और देश की सुरक्षा प्रणाली को एक नई दिशा मिलती है।
रिपोर्ट
अमित कुमार
