नई दिल्ली- संसद का मौजूदा सत्र समाप्त होने के बाद शुक्रवार को एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच अक्सर तीखी नोकझोंक और आरोप-प्रत्यारोप के लिए चर्चा में रहने वाली संसद के बाहर इस बार सौहार्द और संवाद का माहौल नजर आया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी, एनसीपी (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और सपा सांसद धर्मेंद्र यादव समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने संसद परिसर में अनौपचारिक रूप से ‘चाय पर चर्चा’ की सत्र के समापन के बाद हुई इस मुलाकात में राजनीतिक मतभेदों से इतर आपसी संवाद और शिष्टाचार की झलक दिखी नेताओं ने हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत की और देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, संसद की कार्यवाही और लोकतांत्रिक मूल्यों पर विचार साझा किए इस दौरान किसी तरह की औपचारिक बहस या बयानबाजी नहीं हुई,

बल्कि बातचीत का स्वर सहज और सौहार्दपूर्ण रहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्षी नेताओं के बीच मुस्कान और अभिवादन के साथ चर्चा हुई प्रियंका गांधी और सुप्रिया सुले भी बातचीत में सक्रिय रूप से शामिल रहीं सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी इस मौके पर लोकतंत्र में संवाद की अहमियत पर जोर दिया नेताओं ने यह संकेत दिया कि संसद के भीतर भले ही वैचारिक टकराव हों, लेकिन लोकतांत्रिक मर्यादाओं और आपसी सम्मान को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की अनौपचारिक मुलाकातें लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत देती हैं संसद सत्र के दौरान कई अहम मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी,

लेकिन सत्र के अंत में इस तरह का सौहार्दपूर्ण माहौल यह दर्शाता है कि संवाद के दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं हालांकि इस चाय चर्चा से किसी ठोस राजनीतिक निर्णय या समझौते की घोषणा नहीं हुई, लेकिन इसे राजनीतिक शिष्टाचार और परिपक्व लोकतंत्र की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है संसद सत्र की समाप्ति के साथ सामने आई यह तस्वीर आने वाले समय में राजनीतिक संवाद को नई दिशा दे सकती है
