बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की कथित हत्या को लेकर भारत में व्यापक आक्रोश देखने को मिल रहा है इस घटना के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने देश के छह प्रमुख शहरों में जोरदार प्रदर्शन किया प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की इस बीच भारत में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और बयानों के बाद बांग्लादेश सरकार ने ढाका स्थित विदेश मंत्रालय में भारतीय उच्चायुक्त को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की हत्या की गई, जिसके बाद इस घटना को अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों से जोड़कर देखा जा रहा है स्थानीय स्तर पर इस हत्या को लेकर तनाव का माहौल है

हालांकि बांग्लादेश प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है, लेकिन भारत में हिंदू संगठनों का आरोप है कि यह घटना वहां अल्पसंख्यकों की असुरक्षा की एक और कड़ी है विश्व हिंदू परिषद ने दिल्ली, कोलकाता, पटना, लखनऊ, जयपुर और अहमदाबाद समेत छह शहरों में प्रदर्शन किए कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने बैनर-पोस्टर के साथ नारेबाजी की और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे कुछ शहरों में बांग्लादेश दूतावास या उच्चायोग के बाहर भी विरोध दर्ज कराया गया VHP नेताओं का कहना है कि बांग्लादेश में समय-समय पर हिंदू समुदाय को निशाना बनाया जाता रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव के अभाव में इन मामलों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती संगठन ने मांग की कि भारत सरकार इस मुद्दे को सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत तक सीमित न रखे, बल्कि संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मंचों पर भी उठाए भारत में हो रहे प्रदर्शनों और सार्वजनिक बयानों के बीच बांग्लादेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया यह उसका आंतरिक मामला है और भारत में इस तरह के विरोध से द्विपक्षीय संबंध प्रभावित हो सकते हैं

बांग्लादेश ने यह भी दोहराया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कदम उठाए जा रहे हैं भारत सरकार घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है विदेश मंत्रालय स्तर पर बांग्लादेश से लगातार संपर्क में रहने की बात कही जा रही है भारत ने पहले भी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर बांग्लादेश के समक्ष चिंता जताई है और इस मामले में भी कूटनीतिक चैनलों के जरिए स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दे भारत में हमेशा संवेदनशील रहे हैं सोशल मीडिया के जरिए यह मामला तेजी से फैला, जिससे जनभावनाएं और भड़क गईं भारत में विरोध और बांग्लादेश की कूटनीतिक प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को द्विपक्षीय संवेदनशीलता का रूप दे दिया है
