विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वेनेजुएला में बिगड़ते हालात को लेकर गहरी चिंता जताई है अमेरिका की ओर से की गई सैन्य कार्रवाई के बाद पहली बार भारत की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है जयशंकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं और किसी भी समस्या का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही निकाला जाना चाहिएविदेश मंत्री ने कहा कि भारत हमेशा से शांति, संवाद और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान के पक्ष में रहा है किसी भी तरह के सैन्य टकराव से हालात और बिगड़ सकते हैं, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ता है, मौजूदा संकट में सभी पक्षों को संयम बरतते हुए बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई कार्रवाई के बाद वैश्विक स्तर पर चिंता का माहौल बना हुआ है कई देशों ने इस कदम को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया है भारत ने भी अप्रत्यक्ष रूप से यह संकेत दिया है कि वह किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई के बजाय राजनीतिक समाधान को प्राथमिकता देता है भारत वेनेजुएला के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और वहां के लोगों की सुरक्षा और भलाई उसके लिए महत्वपूर्ण हैभारत और वेनेजुएला के संबंध दशकों पुराने हैं। ऊर्जा, व्यापार और कूटनीतिक सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्ते रहे हैं

वेनेजुएला भारत के लिए कच्चे तेल का एक अहम स्रोत रहा है, हालांकि हाल के वर्षों में प्रतिबंधों और राजनीतिक अस्थिरता के चलते व्यापार प्रभावित हुआ है इसके बावजूद भारत ने हमेशा वेनेजुएला के साथ संतुलित और सम्मानजनक संबंध बनाए रखने की कोशिश की है भारत किसी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति प्रयासों का समर्थन करेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है यदि तनाव बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ अमेरिका और वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा भारत का यह बयान एक संतुलित कूटनीतिक रुख को दर्शाता है भारत न तो खुलकर अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन कर रहा है और न ही वेनेजुएला की सरकार के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है

इसके बजाय भारत ने संवाद और शांतिपूर्ण समाधान पर जोर देकर अपनी पारंपरिक विदेश नीति को दोहराया हैअंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों के अनुसार, अमेरिका-वेनेजुएला तनाव के बीच भारत की भूमिका एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में उभर सकती है भारत पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय विवादों में बातचीत और मध्यस्थता के पक्ष में रहा है। जयशंकर का बयान इसी दिशा में एक संकेत माना जा रहा है फिलहाल वेनेजुएला में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और अमेरिका की कार्रवाई के बाद वहां राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता और बढ़ गई है ऐसे में भारत का यह रुख कि समस्याओं का समाधान केवल बातचीत से ही संभव है, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक अहम संदेश माना जा रहा है यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिका, वेनेजुएला और अन्य वैश्विक शक्तियां इस संकट को किस दिशा में ले जाती हैं
