तेहरान/वॉशिंगटन:- ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है खामेनेई ने ट्रंप को तानाशाह मानसिकता वाला नेता बताते हुए कहा कि ऐसे शासकों का अंजाम हमेशा इतिहास में एक जैसा रहा है उन्होंने ईरान के पूर्व शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी कि सत्ता के घमंड में लिए गए फैसले अंततः पतन का कारण बनते हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है ट्रंप की ओर से ईरान को लेकर दिए जा रहे कड़े बयानों और सैन्य दबाव की बातों के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है खामेनेई ने कहा कि ट्रंप खुद को दुनिया का मालिक समझते हैं और ताकत के बल पर देशों को झुकाने की कोशिश करते हैं, लेकिन इतिहास गवाह है कि तानाशाही ज्यादा समय तक नहीं टिकती ,खामेनेई ने अपने बयान में ईरान के पूर्व शाह पहलवी का जिक्र करते हुए कहा कि वह भी विदेशी ताकतों के समर्थन और सैन्य शक्ति के भरोसे सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रहे थे लेकिन जब जनता का भरोसा खत्म हुआ, तो उनका शासन एक झटके में ढह गया ट्रंप भी उसी रास्ते पर चल रहे हैं,

जहां सत्ता का अहंकार और सैन्य ताकत पर जरूरत से ज्यादा भरोसा अंतत नुकसान पहुंचाता है तानाशाह हमेशा यह मानते हैं कि वे अजेय हैं, लेकिन जनता की ताकत और समय के साथ सच्चाई सामने आ जाती है अमेरिका की मौजूदा नीतियां दुनिया में अस्थिरता फैला रही हैं और खुद अमेरिका के लिए भी घातक साबित हो सकती हैं खामेनेई ने अमेरिकी विदेश नीति को आक्रामक और दमनकारी बताया उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने अपने कार्यकाल में प्रतिबंधों, धमकियों और सैन्य दबाव का सहारा लेकर कई देशों को झुकाने की कोशिश की ईरान पर लगाए गए कठोर आर्थिक प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए खामेनेई ने कहा कि यह आर्थिक युद्ध है, लेकिन इससे ईरानी जनता का हौसला ईरान के सर्वोच्च नेता ने यह भी कहा कि अमेरिका खुद को लोकतंत्र का पैरोकार बताता है, लेकिन व्यवहार में वह तानाशाही रवैया अपनाता है ट्रंप जैसे नेता लोकतंत्र की आड़ में अपने निजी और राजनीतिक हित साधते हैं अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों की चर्चा के बीच खामेनेई का यह बयान राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है

ट्रंप एक बार फिर सख्त और राष्ट्रवादी छवि के साथ राजनीति में सक्रिय हैं।ऐसे में ईरान के सर्वोच्च नेता की यह टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रंप की छवि को लेकर बहस तेज कर सकती है खामेनेई का बयान सिर्फ ट्रंप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अमेरिका की व्यापक नीतियों पर भी सवाल खड़ा करता है ईरान लंबे समय से अमेरिका पर सत्ता के दुरुपयोग और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाता रहा है खामेनेई के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है ईरान समर्थक गुटों ने उनके बयान का स्वागत किया है और इसे सच्चाई का आईना बताया है वहीं अमेरिका समर्थक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान तनाव को और बढ़ा सकता है, खामेनेई का ट्रंप पर यह तीखा हमला एक बार फिर अमेरिका-ईरान टकराव को सुर्खियों में ले आया है तानाशाही और पहलवी जैसे हश्र की चेतावनी देकर ईरान के सर्वोच्च नेता ने साफ संकेत दिया है कि वह अमेरिकी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं यह बयान आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों में और तल्खी ला सकता है
