नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के बयान के बाद विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी लगातार नारेबाजी और हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष को कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ीसुबह जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, सरकार की ओर से पीयूष गोयल एक अहम मुद्दे पर बयान दे रहे थे इसी दौरान विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर वेल में आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे विपक्ष का आरोप था कि सरकार अहम मुद्दों पर संसद को गुमराह कर रही है और चर्चा से बच रही है

शोर-शराबे के कारण मंत्री अपना बयान पूरा नहीं कर सके लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से बार-बार अपील की कि वे अपनी सीटों पर लौटें और सदन की गरिमा बनाए रखें, लेकिन इसका कोई असर नहीं पड़ा। हंगामा लगातार तेज होता गया, जिसके बाद अध्यक्ष ने पहले कुछ देर के लिए कार्यवाही रोकने की कोशिश की और अंत में सदन को 2 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दीबताया जा रहा है कि विपक्ष की नाराजगी का केंद्र व्यापार, महंगाई और अंतरराष्ट्रीय समझौतों से जुड़े मुद्दे थे, जिन पर वे सरकार से विस्तृत चर्चा की मांग कर रहे थे विपक्षी दलों का कहना है कि बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण समय में सरकार सवालों से बच रही है और बिना चर्चा के फैसले थोपे जा रहे हैं वहीं, सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है ताकि जरूरी विधायी कामकाज न हो सके भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि जब भी सरकार जवाब देने के लिए तैयार होती है, विपक्ष हंगामा कर सदन को ठप कर देता हैयह पहला मौका नहीं है जब बजट सत्र के दौरान संसद में गतिरोध देखने को मिला हो इससे पहले भी कई मौकों पर लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ चुकी है सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी, जिसके चलते कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी थी संसदीय कार्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, सरकार चाहती है कि बजट से जुड़े अहम मुद्दों, विधेयकों और आर्थिक नीतियों पर चर्चा आगे बढ़े,

लेकिन लगातार हो रहे हंगामे से कामकाज प्रभावित हो रहा है। दूसरी ओर, विपक्ष का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर चर्चा नहीं कराई जाती, वे सदन में अपना विरोध जारी रखेंगेअब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि दोपहर 2 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होगी, तब स्थिति सामान्य होती है या फिर एक बार फिर हंगामे के आसार बनते हैं अगर गतिरोध जारी रहता है तो आने वाले दिनों में बजट सत्र के महत्वपूर्ण एजेंडे पर असर पड़ सकता हैकुल मिलाकर, पीयूष गोयल के बयान के बाद शुरू हुआ यह विवाद एक बार फिर यह दिखाता है कि मौजूदा बजट सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव कितना गहरा हो चुका है, जिसका सीधा असर संसद की कार्यवाही पर पड़ रहा है
