अदालत ने IRCTC से जुड़े बहुचर्चित लैंड फॉर जॉब मामले में केस को दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने की मांग वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया है कोर्ट के इस फैसले के बाद राबड़ी देवी की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैंदरअसल, राबड़ी देवी ने दिल्ली की एक निचली अदालत में चल रहे IRCTC लैंड फॉर जॉब केस को किसी दूसरी अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की थी उनका तर्क था कि इस मामले की सुनवाई किसी अन्य उपयुक्त अदालत में होनी चाहिए। हालांकि, दिल्ली कोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और साफ कहा कि मामले को ट्रांसफर करने का कोई ठोस आधार नहीं बनता कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि केस की सुनवाई पहले से तय कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रही है और इसमें किसी तरह की अनियमितता या पक्षपात के सबूत सामने नहीं आए हैं

ऐसे में केवल आशंका के आधार पर केस ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है आरोपी को कानून के तहत निष्पक्ष सुनवाई का पूरा अधिकार है और मौजूदा कोर्ट इसे सुनिश्चित करने में सक्षम है IRCTC लैंड फॉर जॉब केस रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लिए जाने के आरोपों से जुड़ा है यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे इस केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर आरोप है कि रेलवे में नियुक्तियों के बदले जमीन या संपत्ति ली गई इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसियां कर रही हैं और पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है राबड़ी देवी इस केस में आरोपी हैं और उन्हें नियमित रूप से कोर्ट में पेश होना पड़ रहा है

अब ट्रांसफर याचिका खारिज होने के बाद उन्हें दिल्ली की इसी अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा राजनीतिक तौर पर भी इस फैसले को अहम माना जा रहा है विपक्षी दल इसे कानून की जीत बता रहे हैं, जबकि RJD नेताओं का कहना है कि वे अदालत पर पूरा भरोसा रखते हैं और कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे फिलहाल, दिल्ली कोर्ट के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि IRCTC लैंड फॉर जॉब केस की सुनवाई दिल्ली में ही जारी रहेगी और राबड़ी देवी को इस मोर्चे पर कोई राहत नहीं मिली है आने वाले दिनों में इस मामले में कोर्ट की अगली सुनवाई और फैसले पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी
