प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने 15 दिसंबर से तीन देशों की जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान यात्रा करेंगे यह दौरा वेस्ट एशिया और अफ्रीका में भारत की बढ़ती भूमिका को मजबूत करने वाला माना जा रहा है यह यात्रा सिर्फ औपचारिकता नहीं होगी, बल्कि इसके जरिए भारत कई अहम मोर्चों द्विपक्षीय व्यापार, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और भारतीय समुदायमें नई ऊँचाइयाँ हासिल करने की कोशिश करेगा इस यात्रा की तैयारियों के बीच मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री का यह विदेश दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं और भारत को अपने साझेदार देशों के साथ अधिक प्रभावी और त्वरित संवाद की जरूरत है

तीनों देशों के जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान में प्रधानमंत्री की उच्च स्तरीय बैठकों, द्विपक्षीय वार्ताओं और सामुदायिक कार्यक्रमों की विस्तृत योजना तैयार की गई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन अलग-अलग क्षेत्रों के तीन देशों की आधिकारिक यात्रा करेंगे इस दौरे में सुरक्षा, व्यापार, पर्यटन, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल सहयोग, शिक्षा, टेक्नोलॉजी और सांस्कृतिक संबंधों जैसे कई विषयों पर चर्चा होने जा रही है भारत इस यात्रा के जरिए वेस्ट एशिया और अफ्रीका में एक अहम शक्ति के रूप में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता हैजॉर्डन के साथ मध्य-पूर्व की शांति प्रक्रिया, फिलिस्तीन मुद्दे और क्षेत्रीय तनाव पर बातचीत होगी वही इथियोपिया में कृषि, IT, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत के विकास सहयोग को और मजबूत किया जाएगा ओमान के साथ समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और रक्षा सहयोग प्रमुख फोकस रहेगा , उनके साथ विदेश मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी, भारत के राजनयिक विशेषज्ञ, आर्थिक मामलों से जुड़े प्रतिनिधि और कारोबारी समुदाय के कुछ सदस्य भी शामिल हो सकते हैं इन बैठकों में भारत के कई सरकारी और निजी संस्थान भी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत करेंगे इस दौरे की शुरुआत 15 दिसंबर से 18 दिसंबर तक होने की संभावना है इस कार्यक्रमों और मुलाकातों की सूची लगभग तैयार हो चुकी है।यह यात्रा तीन दिनों के बीच में फैली होगी और हर देश में प्रधानमंत्री की गतिविधियाँ अलग-अलग विषयों के अनुसार तय की गई हैं

यह यात्रा का पहला पड़ाव जॉर्डन होगा, जहाँ प्रधानमंत्री किंग अब्दुल्ला से मुलाकात करेंगे, शरणार्थी संकट और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा करेंगे, तथा सांस्कृतिक सहयोग के नए रास्ते खोजेंगेइसके बाद प्रधानमंत्री इथियोपिया जाएंगे अफ्रीका के सबसे तेजी से बढ़ते देशों में से एक जहाँ भारत IT, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्टार्टअप सहयोग को बढ़ावा देना चाहता है इस दौरे का अंतिम चरण ओमान होगा, जहाँ भारतीय समुदाय की बड़ी संख्या रहती है PM यहां ऊर्जा साझेदारी, नौसैनिक सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा पर उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे भारत के लिए यह दौरा कई कारणों से अहम है जॉर्डन में मध्य-पूर्व के संकट पर भारत की भूमिका और संवाद को मजबूत किया जाएगा ,इथियोपिया में भारत अफ्रीका के विकास मॉडल में एक भरोसेमंद पार्टनर बनने की दिशा में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहता है ,ओमान में भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा होता है, इसलिए वहां की यात्रा रणनीतिक स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण है इसके साथ ही तीनों देशों में भारतीय समुदाय की बड़ी मौजूदगी है, जो भारत के आर्थिक और सांस्कृतिक रिश्तों को गहराई देती है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा तीन स्तरों पर भारत के हितों को मजबूत करेगी पहला, भारत की विदेश नीति को वेस्ट एशिया और अफ्रीका में नई दिशा मिलेगी,दूसरा, व्यापार, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा के नए अवसर खुलेंगेतीसरा, भारतीय समुदाय के साथ संवाद से सामाजिक और सांस्कृतिक रिश्ते और मजबूत होंगे इसके साथ-साथ इस दौरे से भारत को क्षेत्रीय राजनीति में एक स्थिर और भरोसेमंद शक्ति के रूप में देखा जाएगा
