नई दिल्ली। देश के प्रशासनिक इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अब ‘सेवा तीर्थ’ नामक नए परिसर से संचालित होगा इस बदलाव के साथ ही साउथ ब्लॉक में अंतिम कैबिनेट बैठक आयोजित की जा रही है, जो पिछले 78 वर्षों से भारत की सत्ता का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा नए कार्यालय परिसर का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगासाउथ ब्लॉक, जो रायसीना हिल्स पर स्थित है, स्वतंत्रता के बाद से ही देश की सर्वोच्च प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र रहा है।

यहीं से प्रधानमंत्रियों ने देश की नीतियों को दिशा दी, महत्वपूर्ण फैसले लिए गए और ऐतिहासिक घोषणाएँ की गईं। जवाहरलाल नेहरू से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री तक, कई निर्णायक क्षण इसी भवन के कमरों में दर्ज हुए। ऐसे में आज की आखिरी कैबिनेट बैठक को ऐतिहासिक माना जा रहा है सेवा तीर्थ’ परिसर को आधुनिक सुविधाओं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत सुरक्षा मानकों के साथ तैयार किया गया है। सरकार का कहना है कि नए भवन में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग होगा, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी और पारदर्शिता आएगी। साथ ही, यह परिसर पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन पर आधारित है, जिसमें ऊर्जा दक्षता और हरित मानकों का विशेष ध्यान रखा गया हैसूत्रों के अनुसार, नए कार्यालय में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मीटिंग हॉल, कमांड सेंटर और मीडिया ब्रीफिंग रूम को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। डिजिटल फाइल प्रबंधन प्रणाली को और मजबूत किया गया है, जिससे कागजी कार्यवाही कम होगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।साउथ ब्लॉक के साथ देश की कई ऐतिहासिक घटनाएँ जुड़ी रही हैं—चाहे वह युद्धकालीन रणनीतियाँ हों,

आर्थिक सुधारों की घोषणाएँ या अंतरराष्ट्रीय समझौते। इसलिए इस स्थान से विदाई भावनात्मक भी मानी जा रही है। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे “एक युग का अंत” बताया हैहालांकि, सरकार का मानना है कि बदलते समय के साथ प्रशासनिक ढांचे का आधुनिकीकरण आवश्यक है। ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरण इसी दिशा में एक कदम है, जिससे कार्य संस्कृति में नई ऊर्जा और दक्षता आएगी। उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों की उपस्थिति रहेगीआज के इस बदलाव के साथ भारत की प्रशासनिक व्यवस्था एक नए अध्याय में प्रवेश कर रही है। जहां साउथ ब्लॉक का ऐतिहासिक गौरव हमेशा स्मरणीय रहेगा, वहीं ‘सेवा तीर्थ’ से भविष्य की नीतियों और निर्णयों की नई कहानी लिखी जाएगी
