केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश के दौरे पर रहेंगे उनके इस दौरे को लेकर राज्य की सियासत एक बार फिर गरमा गई है मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने साफ संकेत दिए हैं कि वह इस दौरान केंद्र सरकार से हिमाचल के लिए घोषित ₹1500 करोड़ के राहत पैकेज का मुद्दा जोर-शोर से उठाएंगे मुख्यमंत्री का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे प्रदेश को अभी तक पूरी राहत नहीं मिली है और केंद्र को इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाने चाहिएअमित शाह के दौरे से पहले प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कई इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन और कुछ जगहों पर अस्थायी ट्रैफिक बैन की घोषणा की है इससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और मरीजों को वैकल्पिक रास्तों से लंबा सफर तय करना पड़ रहा है ट्रैफिक प्रतिबंधों को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है कई यूजर्स ने सवाल उठाए हैं कि वीवीआईपी मूवमेंट के नाम पर आम जनता को बार-बार परेशान क्यों किया जाता है

कुछ लोगों ने लिखा कि सुरक्षा जरूरी है, लेकिन इसके लिए आम लोगों की दिनचर्या पूरी तरह ठप कर देना सही नहीं है हिमाचल प्रदेश में पिछले समय आई प्राकृतिक आपदाओं के बाद केंद्र सरकार ने ₹1500 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की थी हालांकि राज्य सरकार का आरोप है कि यह राशि जरूरत के हिसाब से नाकाफी है और जो मदद मिलनी चाहिए थी, वह अभी तक पूरी तरह नहीं पहुंची है मुख्यमंत्री सुक्खू ने संकेत दिए हैं

कि अमित शाह के सामने वह राज्य के हित में इस मुद्दे को मजबूती से रखेंगे अमित शाह के हिमाचल दौरे के दौरान पार्टी कार्यक्रमों के साथ-साथ प्रशासनिक बैठकों का भी आयोजन होना है इन बैठकों में सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है भाजपा इसे संगठनात्मक मजबूती के तौर पर देख रही है, जबकि कांग्रेस सरकार इसे केंद्र से लंबित मुद्दों को उठाने का अवसर मान रही है कुल मिलाकर अमित शाह का यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं,

बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है एक तरफ राहत पैकेज को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच तल्खी है, तो दूसरी तरफ ट्रैफिक बैन और व्यवस्थाओं को लेकर आम जनता की नाराजगी सामने आ रही है आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस दौरे के बाद केंद्र और राज्य के रिश्तों में कोई नरमी आती है या सियासी टकराव और तेज होता है
