राम जन्मभूमि आंदोलन के सेनानी और धार्मिक प्रचारक डॉ. रामविलास वेदांती का 75 वर्ष की आयु में मध्य प्रदेश के रीवा में निधन हो गया वे लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे उनके निधन से धार्मिक और राजनीतिक जगत में शोक की लहर फैल गई है वेदांती ने अपने जीवन में राम जन्मभूमि आंदोलन को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई थे वे आंदोलन के शुरुआती दिनों से ही शामिल थे और उनकी प्रेरणा से कई युवा इसके साथ जुड़े थे उनके नेतृत्व में आंदोलन को जनता का व्यापक समर्थन मिला ,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है

उन्होंने कहा कि वेदांती जी धर्म और संस्कृति के सच्चे योद्धा थे और उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा उनकी मेहनत और समर्पण ने राम मंदिर आंदोलन को बल दिया यह आंदोलन उनके नेतृत्व और विश्वास के बिना अधूरा रहता वेदांती के पार्थिव शरीर को मध्य प्रदेश से अयोध्या लाया जा रहा है अयोध्या के मंदिरों और प्रमुख धर्मस्थलों में श्रद्धालु उनके अंतिम दर्शन के लिए जुट रहे हैं अंतिम संस्कार के लिए विशेष तैयारियाँ की जा रही हैं श्रद्धालु सोशल मीडिया के माध्यम से भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों ने भी उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की उनके अनुयायियों ने कहा कि वेदांती जी ने धर्म और समाज के लिए बहुत योगदान था उनके निधन से आंदोलन में और धर्म क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है

रामविलास वेदांती ने धार्मिक प्रचार, समाज सेवा और राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया उनके जीवन की प्रेरक कहानियाँ युवाओं के लिए हमेशा मार्गदर्शन का स्रोत रहेंगी वेदांती ने हमेशा धर्म और संस्कृति के मूल्य बनाए रखने पर जोर दिया और अपने भाषणों और प्रचार से लोगों को जागरूक किया अयोध्या में उनके पार्थिव शरीर के स्वागत के लिए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया है श्रद्धालु और आंदोलनकारी उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए तैयार हैं CM योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या पहुंचकर श्रद्धांजलि देने की योजना बनाई है

और उनके सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।वेदांती के निधन से राम जन्मभूमि आंदोलन और भारतीय धार्मिक राजनीति में एक गहरा रिक्त स्थान बन गया है जिससे उनके योगदान और जीवन यात्रा को हमेशा याद किया जाएगा
