प्रयागराज, मेला क्षेत्र में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के पास उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब कुछ लोगों ने शिविर में जबरन घुसने की कोशिश की और नारेबाजी शुरू कर दी बताया जा रहा है कि नारे लगाने वाले लोग योगी जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे, जिससे मौके पर मौजूद शिष्यों और सेवकों में नाराजगी फैल गई स्थिति को बिगड़ता देख शिविर प्रशासन ने तुरंत सतर्कता बरती और मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दीप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना देर शाम की है, जब शिविर में धार्मिक गतिविधियां चल रही थीं अचानक कुछ युवक शिविर के मुख्य प्रवेश द्वार की ओर बढ़े और तेज आवाज में नारेबाजी करने लगे आरोप है कि उन्होंने अंदर प्रवेश करने का प्रयास भी किया, लेकिन शिविर में मौजूद लोगों ने उन्हें रोक दिया इस दौरान कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा, हालांकि किसी बड़े टकराव की स्थिति नहीं बनने दी गई

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया पुलिस ने शिविर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए शिविर प्रशासन की ओर से कहा गया कि धार्मिक आयोजन के दौरान इस तरह की हरकतें माहौल खराब करने की कोशिश हैं, जिन्हें किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगाइस पूरे घटनाक्रम पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने तीखी प्रतिक्रिया दी वे किसी दबाव या डर से अपने विचारों से पीछे हटने वाले नहीं हैं उन्होंने साफ शब्दों में कहा कितने भी जुल्म कर लो, मैं पीछे नहीं हटूंगा। सत्य और धर्म के रास्ते पर चलने से मुझे कोई ताकत नहीं रोक सकती

उनका यह बयान सामने आने के बाद मामला और चर्चा में आ गयास्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी कहा कि कुछ लोग जानबूझकर धार्मिक वातावरण को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं उन्होंने आरोप लगाया कि शिविर में घुसने की कोशिश और नारेबाजी किसी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकती है उन्होंने अपने समर्थकों और शिष्यों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी उकसावे में न आएंशिविर प्रशासन का कहना है कि हाल के दिनों में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों को लेकर लगातार विवाद खड़ा किया जा रहा है उनका मानना है कि इससे पहले भी उनके कार्यक्रमों को बाधित करने की कोशिशें हो चुकी हैं इसी को देखते हुए उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग की हैघटना के बाद मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है पुलिस द्वारा शिविर के आसपास अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और आने-जाने वालों की जांच की जा रही है

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगीइस मामले ने धार्मिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है कुछ लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए, जबकि कुछ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं फिलहाल प्रशासन का फोकस स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने पर हैस्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान के बाद उनके समर्थकों में एकजुटता देखने को मिल रही है शिविर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी लगातार बनी हुई है। पूरे मामले पर सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच के नतीजों पर टिकी हुई है
