प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इकोनॉमिक सर्वे से पहले देश के सामने अपनी सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए एक महत्वपूर्ण संबोधन दिया उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की पहचान तीन शब्दों में संक्षिप्त की जा सकती है रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि यूरोपियन बाजारों के खुलने से भारतीय मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के लिए नए और बड़े अवसर पैदा होंगे, जिससे रोजगार और उद्योग दोनों को लाभ होगामोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आर्थिक विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वास्तविक जीवन पर असर डालने वाले सुधारों और नीतियों के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने रिफॉर्म के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी प्रक्रियाओं और नियमों में सुधार किए जा रहे हैं ताकि कारोबार करना और निवेश करना आसान हो सके उन्होंने कहा सरकार की कोशिश रही है कि हर पहल में पारदर्शिता और सरलता हो, जिससे उद्योगपतियों और छोटे व्यवसायों को सहज और प्रभावी समर्थन मिल सकेप्रधानमंत्री ने परफॉर्म यानी प्रदर्शन पर भी प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि नीतियों का असर तभी सार्थक होता है जब वे धरातल पर परिणाम दिखाएँ उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं और सरकारी कार्यक्रमों के प्रभाव को लगातार मापा जा रहा है

ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जनता तक लाभ सही तरीके से पहुँच रहा हैमोदी ने ट्रांसफॉर्म के तहत दीर्घकालिक बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ आज की जरूरतों को पूरा करने पर नहीं, बल्कि भविष्य में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयारी कर रहा है उन्होंने इस संदर्भ में यूरोपियन बाजारों का उदाहरण देते हुए बताया कि जैसे ही यूरोप के साथ व्यापार और निवेश के अवसर खुलेंगे, भारतीय मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को नई ताकत मिलेगी। इससे उद्योगों के लिए नए निवेश, उत्पादन और रोजगार के अवसर सृजित होंगेप्रधानमंत्री ने युवाओं और उद्यमियों के लिए भी प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार नई तकनीकों और नवाचार को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि देश में उद्योगों और व्यवसायों में नई ऊर्जा आए। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में भारत की स्थिति मजबूत करने के लिए निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा हैप्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक वृद्धि का आंकड़ा बढ़ाना नहीं है,

बल्कि इसे वास्तविक जीवन की गुणवत्ता और समग्र विकास में बदलना है उन्होंने कहा कि योजनाओं और सुधारों का लाभ आम जनता तक पहुंचे, और उद्योगों में नवाचार व रोजगार के अवसर बढ़ेंइस अवसर पर अर्थशास्त्रियों और उद्योगपतियों ने मोदी के संदेश का स्वागत किया और कहा कि यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार आर्थिक सुधारों के साथ-साथ उद्योगों को विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही हैप्रधानमंत्री का यह संबोधन आने वाले इकोनॉमिक सर्वे से पहले महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें न केवल सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया गया है, बल्कि यह भी संकेत दिया गया है कि मैन्यूफैक्चरिंग और व्यापार क्षेत्र में बड़े अवसर आने वाले हैं
