भारत और ओमान के रिश्तों में आज एक नया और अहम अध्याय जुड़ने जा रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद के बीच आज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे यह समझौता दोनों देशों के व्यापारिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देगा इस समझौते पर साइनिंग के बाद भारत और ओमान के बीच आयात-निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और व्यापार में आने वाली कई अड़चनें दूर होंगीPM नरेंद्र मोदी आज ओमान की राजधानी मुस्कट में सुल्तान तारिक से द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे इस बैठक में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है दोनों नेता भारत-ओमान साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाने के रोडमैप पर भी बात करेंगे माना जा रहा है

कि इस बैठक के दौरान कई अन्य समझौतों और सहयोग प्रस्तावों पर भी सहमति बन सकती हैफ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत दोनों देश एक-दूसरे के उत्पादों पर लगने वाले शुल्क को कम या समाप्त करेंगे इससे भारतीय कंपनियों को ओमान के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, वहीं ओमान के निवेशकों को भारत में निवेश के नए अवसर मिलेंगे खास तौर पर टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, फार्मा, आईटी, खाद्य प्रसंस्करण और ऊर्जा सेक्टर को इस समझौते से बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है सरकार का मानना है कि FTA से दोनों देशों के बीच व्यापार में आने वाले वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी PM मोदी अपने ओमान दौरे के दौरान वहां रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे ओमान में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार, पेशेवर और कारोबारी रहते हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहे हैं भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना करेंगे और भारत सरकार की नीतियों व योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे इसके साथ ही प्रवासी भारतीयों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुनेंगेभारत और ओमान के बीच संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं दोनों देशों के बीच व्यापार के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्ते भी गहरे हैं भारत ओमान के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है और दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग भी काफी अहम माना जाता है

भारत की ऊर्जा सुरक्षा में ओमान की भूमिका महत्वपूर्ण है, जबकि भारत ओमान के लिए एक बड़ा बाजार और निवेश गंतव्य है फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से न सिर्फ व्यापार बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे भारतीय निर्यातकों को खाड़ी क्षेत्र में मजबूत स्थिति बनाने में मदद मिलेगी, वहीं ओमान को भारतीय तकनीक और कुशल मानव संसाधन का लाभ मिलेगा यह समझौता भारत की “मेक इन इंडिया” और आत्मनिर्भर भारत पहल को भी मजबूती देगा कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी का यह ओमान दौरा और FTA पर साइनिंग भारत-ओमान संबंधों को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग आने वाले समय में आर्थिक विकास, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा
