बिहार में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले कुछ दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट दर्ज की जा सकती है पहाड़ी इलाकों से आ रही बर्फीली हवाओं ने पूरे प्रदेश में कोल्ड वेव की स्थिति पैदा कर दी है खासतौर पर उत्तर और मध्य बिहार के जिलों में सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 10 जनवरी तक ठंड से किसी बड़ी राहत की उम्मीद नहीं है राजधानी पटना सहित गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया और पश्चिम चंपारण जैसे जिलों में सुबह घना कोहरा छाया रहा,

जिससे दृश्यता काफी कम हो गई कोहरे और ठंड की वजह से सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है कई जगहों पर ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, वहीं सुबह के समय हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर देखा जा रहा है स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बीते तीन दिनों में ठंड से जुड़ी बीमारियों के कारण करीब 25 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है इनमें अधिकांश मरीज हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित थे डॉक्टरों का कहना है कि अचानक बढ़ी ठंड से हार्ट पेशेंट्स की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ हैपटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH), नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) और अन्य जिला अस्पतालों में ठंड से संबंधित मरीजों की भीड़ बढ़ गई है अस्पतालों के आपातकालीन वार्ड में खास इंतजाम किए गए हैं डॉक्टरों ने लोगों को सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और ठंडी हवा से बचाव करने की सलाह दी हैमौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत में ठंडी हवाएं सक्रिय हैं, जिनका सीधा असर बिहार पर पड़ रहा है उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है

अब आने वाले दिनों में रात का तापमान कई जिलों में 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है सरकार और जिला प्रशासन ने ठंड को देखते हुए कई एहतियाती कदम उठाए हैं। रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई गई है और अलाव की व्यवस्था की जा रही है, ताकि सड़क किनारे रहने वाले गरीब और बेघर लोगों को राहत मिल सके नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने और कंबल वितरण की व्यवस्था को तेज किया जाए ठंड के इस मौसम में लापरवाही न बरतें। हार्ट और ब्लड प्रेशर के मरीज नियमित दवाएं लें, सुबह की सैर से परहेज करें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।बच्चों और बुजुर्गों को विशेष देखभाल की जरूरत बताई गई हैबिहार में ठंड का यह दौर फिलहाल और मुश्किलें बढ़ाने वाला है जब तक पहाड़ी इलाकों से आने वाली ठंडी हवाओं का असर कम नहीं होता, तब तक राज्य को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है
