सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बागेश्वर बाबा के नाम से जाना जाता है, भगवान राम के बारे में एक विवादास्पद बयान देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में बाबा कहते हैं कि “राम जी के पांच बाप थे”, जिसके बाद से सनातन धर्म के अनुयायियों में गुस्सा और बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स ने इस बयान को सनातन संस्कृति का अपमान बताते हुए बाबा पर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ ने इसे संदर्भ से बाहर निकालकर फैलाई गई अफवाह बताया है। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।
वीडियो का बैकग्राउंड और क्या कहा बागेश्वर बाबा ने:-

यह वीडियो मूल रूप से 2021 का है, जब बागेश्वर धाम में एक कथा सत्र के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने रामायण के कुछ प्रसंगों का जिक्र किया था। वीडियो में बाबा कहते हैं, “राम जी के पांच बाप थे।” उन्होंने आगे एक्सप्लेन करते हुए कहा कि राम के जन्म और जीवन से जुड़े विभिन्न पात्रों को ‘पिता’ की तरह देखा जा सकता है, जैसे:
1. राजा दशरथ: राम के जैविक पिता, जो अयोध्या के राजा थे और जिन्होंने राम को जन्म दिया।
2. विश्वामित्र: राम के गुरु, जिन्होंने उन्हें शिक्षा दी और उन्हें ‘पिता’ समान मार्गदर्शन प्रदान किया।
3. परशुराम: राम के साथ उनके प्रसंग में उन्हें ‘पिता’ की भूमिका में देखा गया।
4. जनक: सीता के पिता, जो राम के ससुर थे और राम को पुत्रवत स्नेह दिया।
5. हनुमान या अन्य देवता: कुछ व्याख्याओं में राम को विष्णु अवतार मानते हुए अन्य देवताओं को ‘पिता’ रूप में जोड़ा जाता है।
बाबा का यह बयान रामायण की गहन व्याख्या पर आधारित लगता है, जहां ‘पिता’ शब्द को सिर्फ जैविक अर्थ में नहीं, बल्कि आध्यात्मिक, गुरु और संरक्षक के रूप में इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, वीडियो के क्लिप को एडिट करके सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है, जिससे यह विवादास्पद लग रहा है। बागेश्वर धाम के आधिकारिक पेज पर भी यह वीडियो उपलब्ध है, जहां इसे धार्मिक संदर्भ में समझाया गया है। लेकिन 2025 में यह वीडियो अचानक फिर से वायरल हो गया, शायद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा इसे नए सिरे से शेयर करने के कारण।
सोशल मीडिया पर क्यों मचा बवाल:-

वीडियो वायरल होने के बाद एक्स (पूर्व ट्विटर), फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। कई यूजर्स ने बाबा के बयान को सनातन धर्म का मजाक उड़ाने वाला बताया और कहा कि इससे हिंदू भावनाएं आहत हुई हैं। यहां कुछ प्रमुख कमेंट्स दिए गए हैं, जो विवाद की गहराई को दर्शाते हैं:
– एक यूजर ने लिखा: “तुम बताओ, तुम्हारे कितने बाप हैं?” यह कमेंट सीधे बाबा पर निशाना साधते हुए उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है।
– दूसरे ने कहा: “कोई और बोलता तो अंधभक्तों की लाइन लग जाती, लेकिन अभी दिखाई नहीं दे रहे।” यहां यूजर्स ने बागेश्वर बाबा के समर्थकों पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
– तीसरे कमेंट में लिखा: “खुद अपने ही धर्म का मजाक बना रहा है यह बाबा।” कई लोगों ने इसे सनातन संस्कृति के खिलाफ बताया और कहा कि ऐसे बयानों से युवा पीढ़ी गुमराह हो सकती है।
दूसरी ओर, बाबा के समर्थकों ने सफाई दी है कि यह बयान रामायण की गहराई को समझाने के लिए था, न कि अपमान करने के लिए। उन्होंने कहा कि वीडियो को पूरा सुने बिना प्रतिक्रिया न दें। सोशल मीडिया पर #BageshwarBaba और #RamJiKePaanchBaap जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहां बहस दोनों पक्षों से जारी है।
सनातन संस्कृति में राम के ‘पिता’ का क्या मतलब:-

सनातन धर्म में भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम माना जाता है, और रामायण में उनके पिता राजा दशरथ का स्पष्ट उल्लेख है। लेकिन धार्मिक ग्रंथों में ‘पिता’ शब्द को व्यापक अर्थों में इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण के लिए:
– जैविक पिता: दशरथ।
– गुरु रूप में पिता: विश्वामित्र और वशिष्ठ जैसे ऋषि, जो राम को ज्ञान देते हैं।
– आध्यात्मिक पिता: विष्णु अवतार होने के कारण ब्रह्मा या अन्य देवता।
– ससुर रूप में: जनक, जो राम को पुत्रवत मानते हैं।
बागेश्वर बाबा का बयान इसी व्याख्या पर आधारित लगता है, लेकिन बिना संदर्भ के इसे सुनने पर यह अपमानजनक लग सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयानों को धार्मिक कथाओं के पूरे संदर्भ में समझना चाहिए, वरना गलतफहमियां फैलती हैं।
क्या हो सकती है आगे की कार्रवाई :-

अभी तक बागेश्वर धाम की ओर से इस वायरल वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अगर विवाद बढ़ा तो कानूनी कार्रवाई की मांग हो सकती है। पहले भी बाबा पर जादू-टोना और अंधविश्वास फैलाने के आरोप लग चुके हैं, लेकिन उनके लाखों अनुयायी उनका समर्थन करते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैक्ट-चेकर्स ने इस वीडियो को पुराना बताते हुए लोगों से पूरा वीडियो देखने की अपील की है।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि सोशल मीडिया पर धार्मिक कंटेंट को कैसे गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आपने यह वीडियो देखा है, तो कमेंट्स में अपनी राय जरूर शेयर करें। क्या आपको लगता है कि यह अपमान है या सिर्फ व्याख्या?
रिपोर्ट
अंकित शेखावत
