आंध्र प्रदेश में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) के एक तेल कुएं से गैस रिसाव की बड़ी घटना सामने आई है गैस लीकेज के दौरान अचानक जोरदार ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद कुएं के आसपास भीषण आग लग गई इस हादसे से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और एहतियातन प्रशासन ने तीन गांवों को खाली करवाया फिलहाल हालात पर काबू पाने के लिए ONGC, जिला प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर डटी हुई हैं।यह घटना आंध्र प्रदेश के एक तटीय जिले में स्थित ONGC के सक्रिय तेल कुएं पर हुई शुरुआती जांच में बताया गया है कि कुएं से अचानक गैस का दबाव बढ़ा, जिसके कारण रिसाव शुरू हुआ कुछ ही देर में गैस ने आग पकड़ ली और एक जोरदार धमाका हुआ ब्लास्ट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए

तीन नजदीकी गांवों को खाली कराने का आदेश दिया पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां प्रभावित लोगों के लिए खाने, पानी और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक किसी को भी गांव लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगीONGC की तकनीकी टीमें गैस रिसाव को रोकने और आग पर काबू पाने में जुटी हुई हैं दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचाई गई हैं और लगातार आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है हालांकि गैस का दबाव अधिक होने के कारण आग पर काबू पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे मामलों में बेहद सावधानी बरतनी पड़ती है, क्योंकि थोड़ी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है

ONGC की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या प्रेशर कंट्रोल सिस्टम में गड़बड़ी को हादसे की वजह माना जा रहा है कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पर्यावरण और स्थानीय लोगों को होने वाले नुकसान का आकलन किया जाएगा और प्रभावितों को हर संभव मदद दी जाएगीइस घटना के बाद इलाके में स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है गैस रिसाव और आग के कारण हवा में जहरीली गैसों के फैलने की आशंका को देखते हुए मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं लोगों को मास्क पहनने और खुले स्थानों में रहने की सलाह दी गई है साथ ही, प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है

राज्य सरकार ने भी इस हादसे पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि घटना दुखद है और सरकार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी ली जाएगीफिलहाल, ONGC का यह तेल कुआं पूरी तरह सील करने और गैस रिसाव रोकने का काम जारी है। जब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ जाती, तब तक आसपास के इलाकों में सुरक्षा घेरा बनाए रखा जाएगा यह घटना एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों और आपातकालीन तैयारियों पर सवाल खड़े करती है, जिस पर गंभीरता से विचार किए जाने की जरूरत है
